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    मई के अंतिम सप्ताह में मानसून की एंट्री के संकेत, कई राज्यों में बारिश के आसार

    नई दिल्ली: भारत में इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमानों के मुताबिक, मॉनसून अपनी सामान्य तारीख (1 जून) से पहले, यानी आगामी 26 मई को केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि मॉनसून के आगमन की इस अनुमानित तारीख में चार दिन का अंतर (आगे या पीछे) देखने को मिल सकता है। फिलहाल, मॉनसून की रफ्तार काफी बेहतर है और यह अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में मजबूती से आगे बढ़ चुका है।

    उत्तर-पश्चिम में भीषण गर्मी और 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट

    जहां एक तरफ देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से के अधिकांश राज्यों को अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का सामना करना पड़ेगा, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने मंगलवार से कम से कम 10 राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। आईएमडी के मुताबिक, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण 19 से 22 मई के बीच जम्मू-कश्मीर और 20 से 22 मई के बीच उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान पहाड़ों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है।

    पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान

    मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बिहार में 19 से 21 मई के बीच, झारखंड में 20 मई को और गंगीय पश्चिम बंगाल में 21 व 22 मई को तेज रफ्तार आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, ओडिशा में 19 मई और फिर 22 से 24 मई के बीच गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 19 से 24 मई तक लगातार वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में चक्रवाती परिसंचरण का असर

    दक्षिण भारत के राज्यों में मॉनसून पूर्व की गतिविधियों में तेजी आ गई है। दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हुआ है, जिससे अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके प्रभाव से केरल, माहे, तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 मई को बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 से 22 मई के बीच मौसम खराब रहेगा, जिसमें 21 और 22 मई को असम-मेघालय और 22 मई को अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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