दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। दोनों ही प्रमुख दल चुनावी मैदान फतह करने की रणनीति बना रहे हैं। जहां सत्ताधारी भाजपा दतिया में सब कुछ सामान्य और अपने पक्ष में होने का दावा कर रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी एकजुटता और मजबूत स्थिति का दम भर रही है। हालांकि, इन दावों के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने कांग्रेस खेमे की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। यह पोस्ट कांग्रेस के कद्दावर नेता अवधेश नायक की ओर से सामने आई है, जिसने उपचुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को हवा दे दी है।
भीतरी मतभेदों ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें
दतिया उपचुनाव का बिगुल बजते ही कांग्रेस के भीतर छिपी नाराजगी और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। दिग्गज नेता अवधेश नायक की भाजपा में घर वापसी को लेकर उस दिन से ही राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे, जिस दिन भाजपा ने अपने पुराने चेहरे का टिकट काटकर नए प्रत्याशी को मैदान में उतारा था। सियासी हलकों में यह चर्चा काफी तेज थी कि अवधेश नायक अपनी पुरानी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अब तक ऐसा कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है, लेकिन उनकी वर्तमान राजनीतिक चुप्पी और सक्रियता ने कांग्रेस नेतृत्व को पसोपेश में डाल रखा है।
महत्वपूर्ण फैसले और दिग्गजों की चुप्पी से बढ़ा असंतोष
राजेंद्र भारती के मामले के बाद क्षेत्र में ऐसा माना जा रहा था कि इस बार कांग्रेस नेतृत्व अवधेश नायक पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट सौंप सकता है। इसी उम्मीद में वे लगातार क्षेत्र में सक्रिय भी नजर आ रहे थे। परंतु, टिकट की घोषणा के बाद उनकी उम्मीदों को करारा झटका लगा है। उनकी यह गहरी नाराजगी अब सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगी है। इस नाराजगी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को खुद भरे मंच से उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। इसके बावजूद, नायक कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन और उसके बाद हुई बड़ी आमसभा से पूरी तरह नदारद रहे, जिसने विवाद को और हवा दे दी है।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बगावत का खुला संकेत
पिछले दो दिनों के दौरान दतिया में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने अवधेश नायक के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की है। बीते दिन भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी भी उनके घर पहुंचे थे, जिसके बाद नायक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट ने उनके बगावती रुख को और स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनके निवास पर दोनों दलों के प्रत्याशी और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कई सांसद, विधायक तथा पूर्व मंत्री सौजन्य भेंट करने पहुंचे थे। नायक ने आगे लिखा कि उन्होंने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और वह ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं तथा साथियों से चर्चा के बाद अगले एक-दो दिनों में कोई ठोस कदम उठाएंगे। उन्होंने साफ किया कि उनका फैसला केवल दतिया के हित में होगा और लोग किसी भी प्रकार के भ्रम में न रहें।
स्टार प्रचारकों की सूची से नाम हटने पर गरमाई राजनीति
कांग्रेस ने आगामी दतिया उपचुनाव के लिए अपने 40 स्टार प्रचारकों की जो आधिकारिक सूची जारी की है, उससे अवधेश नायक का नाम पूरी तरह गायब है। पार्टी ने इस महत्वपूर्ण सूची में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और हरीश चौधरी समेत कई पूर्व मंत्रियों, विधायकों तथा संगठन के वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया है। चुनावी दंगल के ठीक पहले स्टार प्रचारकों की फेहरिस्त से नायक का नाम गायब होने और उनकी लगातार अनदेखी ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि दतिया में कांग्रेस को चुनाव जीतने के लिए न सिर्फ विपक्षी दल से, बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर पनपे इस बड़े असंतोष से भी कड़ा मुकाबला करना होगा।


