More
    HomeराजनीतिSIR विवाद में शिवकुमार का बयान, ‘राहुल-खरगे की बात सही निकली’; कांग्रेस...

    SIR विवाद में शिवकुमार का बयान, ‘राहुल-खरगे की बात सही निकली’; कांग्रेस ने पूछा- बाकी वोटर कौन?

    नई दिल्ली| मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच चल रहा राजनीतिक घमासान लगातार तेज होता जा रहा है. कांग्रेस पार्टी और माकपा (CPI-M) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे तक की मांग कर दी है, जबकि दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने एसआईआर के पक्ष में आंकड़े पेश करते हुए विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज किया है. इस राष्ट्रव्यापी विवाद ने देश की चुनावी व्यवस्था और पारदर्शिता पर एक बार फिर से बड़ी बहस छेड़ दी है.

    कांग्रेस ने नए कदमों और एआई के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एसआईआर के विभिन्न चरणों में अब तक करीब 14 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं, जिससे करोड़ों लोगों के मताधिकार पर संकट मंडरा रहा है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बूथ स्तर पर सही से प्रक्रिया पूरी किए बिना अब अधिकारियों को दोबारा घर भेजने की बात कही जा रही है. इसके साथ ही पार्टी ने सॉफ्टवेयर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कथित इस्तेमाल पर भी गहरी पारदर्शिता की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पात्र मतदाताओं के नाम किस आधार पर सूची से बाहर किए गए हैं.

    माकपा ने की मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

    चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों और एसआईआर से जुड़े फैसलों पर आपत्तियों के बाद वामदल भी पूरी तरह आक्रामक हो गए हैं. माकपा ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को नाकाफी बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने और डेटा में बदलाव जैसे गंभीर मामलों पर आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए. पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए माकपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई है और ऐसा न होने पर उनके खिलाफ महाभियोग जैसी संवैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है.

    डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी और खरगे के आरोपों को बताया सही

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर जो आशंकाएं पहले जताई थीं, वे अब पूरी तरह सही साबित हो रही हैं. उन्होंने जानकारी दी कि इस गंभीर मुद्दे पर विचार करने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर आगे की संयुक्त राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी, क्योंकि वर्तमान प्रणाली पूरी तरह संदेह के घेरे में आ चुकी है.

    भाजपा का पलटवार, 2.8 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम हटाने का दावा

    विपक्ष के तमाम आरोपों का करारा जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत देश के विभिन्न राज्यों से कुल 2.8 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. भाजपा ने सवाल उठाया कि अगर ये मृत नाम सूची में बने रहते, तो इसका अनुचित लाभ किसे मिलता और फर्जी मतदान कौन कराना चाहता था. इसके अलावा भाजपा ने 1 करोड़ से अधिक दोहरे नाम और लगभग 9.43 करोड़ ऐसे नाम भी हटाने का दावा किया है जो अपनी जगह बदल चुके थे, हालांकि कांग्रेस ने इन आंकड़ों पर भी पलटवार करते हुए पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here