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    कहीं भाई-भाई तो कहीं बहनें आमने-सामने, बांसवाड़ा में निकाय चुनाव का रोचक मुकाबला

    बांसवाड़ा। नगर निकाय चुनाव के सियासी दंगल के बीच वार्ड नंबर 44 से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और व्यक्तिगत सौहार्द की एक अनोखी बानगी सामने आई है। इस वार्ड में मुख्य विपक्षी दलों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी एक-दूसरे को चुनावी चुनौती दे रहे हैं, लेकिन दोनों के बीच का फासला महज कुछ कदमों का है। राजनीतिक मुकाबला होने के बावजूद दोनों प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में किसी तरह का मनमुटाव नजर नहीं आता।

    एक ही मोहल्ले में 10 से 15 कदम की दूरी पर दोनों के मकान

    वार्ड 44 में कांग्रेस पार्टी ने नवीन पंड्या पर दांव लगाया है, वहीं भाजपा ने उनके सामने तरंग मेहता को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों उम्मीदवार शहर के भोजापालिया क्षेत्र की एक ही संकरी गली के निवासी हैं। दोनों के आवास एक-दूसरे से मात्र 10 से 15 कदम की दूरी पर स्थित हैं। वर्षों पुरानी पड़ोस की सांझ और पारिवारिक संबंध आज भी चुनावी प्रतिद्वंद्विता पर भारी पड़ते दिख रहे हैं।

    गली के मोड़ पर अगल-बगल खुले दोनों दलों के चुनाव कार्यालय

    प्रत्याशियों ने प्रचार के लिए अपने केंद्रीय कार्यालय भी गली के मुख्य मुहाने पर ही स्थापित किए हैं। मोहल्ले से बाहर निकलते ही एक ओर दाएं मोड़ पर एक प्रत्याशी का दफ्तर है, तो बाएं मोड़ पर दूसरे प्रत्याशी का कार्यालय संचालित हो रहा है। दोनों दफ्तरों के बीच की दूरी 10 कदम भी नहीं है, जिससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं का दिनभर आमना-सामना होता रहता है।

    दिनभर आमने-सामने प्रचार और शाम को एक साथ बैठकी

    चुनावी रणनीतियों और नारों के बीच सबसे रोचक दृश्य शाम के वक्त देखने को मिलता है। दिनभर वार्ड में मतदाताओं से अपने-अपने पक्ष में वोट मांगने के बाद दोनों दलों के युवा समर्थक शाम को एक साथ बैठकर चुनावी समीकरणों और दिनभर के घटनाक्रम पर गपशप करते हैं। समर्थकों का यह दोस्ताना अंदाज पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जो यह साबित करता है कि चुनावी खींचतान अपनी जगह है और आपसी भाईचारा अपनी जगह।

     

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