मुंबई। महाराष्ट्र के जालना जिले से एक बेहद दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह और नशे की लत के चलते दो सगे बेटों ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने वाशिम जिले के मूल निवासी 48 वर्षीय राजू देवकर की हत्या के आरोप में उनके दोनों बेटों सुनील देवकर (25) और अनिल देवकर (27) के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
नशे की हालत में पत्नी से मारपीट और विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक वारदात गत 1 अक्टूबर को हुई थी। मृतक राजू उस दिन अत्यधिक नशे में धुत था और उसने घर पर अपनी पत्नी के साथ बुरी तरह मारपीट की। पिता द्वारा मां के साथ की जा रही इस मारपीट से बेटा सुनील आगबबूला हो उठा और गुस्से में आकर उसने डंडे से अपने पिता पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद दोनों भाई मिलकर अपने घायल पिता को इलाज के लिए छत्रपति संभाजीनगर के एक मेडिकल कॉलेज ले जाने के निकले, लेकिन रास्ते में नशे में धुत पिता द्वारा लगातार गालियां दिए जाने से दोनों भाई और अधिक भड़क गए, जिसके बाद सुनील ने गाड़ी में ही पिता का गला घूंट दिया।
कुएं में फेंका शव और झूठी कहानी
गाड़ी जब सिंदखेड राजा के पास पहुंची, तब तक राजू की सांसें थम चुकी थीं और उनकी मौत हो चुकी थी। अपनी गिरफ्तारी और पुलिस की कड़ी कार्रवाई के डर से दोनों आरोपियों ने मिलकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और पिता के शव को वाघुल डोंगरगांव स्थित एक खेत के सूखे या पानी से भरे कुएं में फेंक दिया। इसके बाद दोनों ने ग्रामीणों और पुलिस को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ी कि उनके पिता चलती कार से अचानक कूदकर फरार हो गए हैं। हालांकि, पाप का पर्दाफाश तब हुआ जब आरोपी अनिल ने डर के मारे इस पूरी घटना की सच्चाई अपने तीसरे भाई सीताराम को बता दी। सीताराम ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुएं से शव को बरामद कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने मृतक के दोनों बेटों के खिलाफ हत्या, शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने जैसे संगीन अपराधों के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे सनसनीखेज हत्याकांड की आगे की विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी रिसोड पुलिस को सौंप दी गई है, जो दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।


