वडोदरा। गुजरात के वडोदरा जिले से एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहां एक अनियंत्रित लग्जरी बस और ट्रक के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में 5 यात्रियों की असमय मौत हो गई है, जबकि 26 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं। यह दर्दनाक हादसा कोटंबी स्टेडियम के समीप उस वक्त घटित हुआ, जब तेज रफ्तार लग्जरी बस ने आगे चल रहे एक ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। घटना की भयावहता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तुरंत मोर्चे पर लगाया गया है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
बांसवाड़ा से सूरत जा रही थी बस और मार्ग पर लगा लंबा जाम
शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुई यह अभागा लग्जरी बस राजस्थान के बांसवाड़ा शहर से सवारियां लेकर गुजरात के सूरत की तरफ जा रही थी। इसी दौरान वडोदरा के पास यह भीषण हादसे का शिकार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस खौफनाक हादसे के बाद से ही हालोल की तरफ से आने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है, जिसे सुचारू कराने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
अस्पताल में घायलों का इलाज और रेस्क्यू ऑपरेशन
राहत दल ने स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे घायलों को बेहद मशक्कत के बाद बाहर निकाला और तुरंत एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए वडोदरा के एसएसजी (SSG) अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की टीम घायलों के उपचार में जुटी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गाड़ी बालाजी ट्रैवल्स नामक एजेंसी की लग्जरी बस थी। घटना का पता चलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वडोदरा दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं और गैस कटर की मदद से बस की बॉडी को काटकर भीतर फंसे चीखते-चिल्लाते मुसाफिरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
दुर्घटना के असली कारणों की पड़ताल में जुटी पुलिस
प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस बात के पुख्ता कारणों का खुलासा नहीं हो सका है कि यह भयंकर एक्सीडेंट आखिर किस वजह से हुआ। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या यह हादसा बस चालक की लापरवाही या उसे झपकी आने की वजह से हुआ, या फिर अचानक वाहन में कोई गंभीर तकनीकी खराबी आ गई थी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर दोनों ही पहलुओं को केंद्र में रखते हुए अपनी कानूनी और तकनीकी जांच-पड़ताल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।


