रायपुर| राजधानी के बीरगांव इलाके में एक प्लाईवुड फैक्ट्री के भीतर गैर-कानूनी तरीके से प्रतिबंधित नकली (एनालॉग) पनीर तैयार करने के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है. खाद्य एवं सुरक्षा प्रशासन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 650 किलोग्राम नकली पनीर जब्त किया है.
प्लाईवुड कारखाने में चल रही थी नकली पनीर की डेयरी
शुरुआती जांच के अनुसार, बीरगांव स्थिति 'पंछी डोर्स एंड प्लाईवुड फैक्ट्री' के भीतर अंशु बंसल नामक व्यक्ति द्वारा 'सांवलिया सेठ मिल्क एंड प्रोडक्ट' के बैनर तले इस नकली पनीर का निर्माण किया जा रहा था. विभाग ने जब्त किए गए माल का सैंपल लेकर परीक्षण के लिए राज्य प्रयोगशाला भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट एक-दो दिनों में आने की उम्मीद है.
ओडिशा सप्लाई के लिए जा रही खेप रास्ते में धराई
मंगलवार शाम करीब 7 बजे कारखाने से लगभग 650 किलो एनालॉग पनीर एक पिकअप वाहन में लोड करके ओडिशा भेजा जा रहा था. मुखबिर से सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा दल ने घेराबंदी की और जोरा मॉल के समीप पिकअप को रोक लिया. वाहन चालक से जब पनीर के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई कागजात पेश नहीं कर सका.
राजधानी में महीने भर के भीतर छठवीं बड़ी कार्रवाई
रायपुर में अमानक और नकली पनीर के खिलाफ खाद्य विभाग का अभियान लगातार जारी है. पिछले एक महीने में यह छठवीं बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले 4 अगस्त को रायपुर रेलवे स्टेशन के पास से अंबिकापुर भेजा जा रहा 100 किलो अमानक पनीर पकड़ा गया था, जबकि 5 अगस्त को तिल्दा स्थित एक डेयरी में दबिश देकर अमानक पनीर का जखीरा सीज किया गया था.
31 जुलाई से राज्य में एनालॉग पनीर के निर्माण व बिक्री पर पूरी तरह रोक
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 31 जुलाई को राजपत्र (गज़ट) जारी कर एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है. इसके बाद से ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जिन मामलों की लैब रिपोर्ट में पनीर अमानक पाया गया है, उनके खिलाफ प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है.


