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    शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निफ्टी 23,250 के नीचे फिसला

    मुंबई | अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में अचानक पैदा हुई अनिश्चितता के कारण घरेलू शेयर बाजार बुधवार को भारी दबाव में आ गया। कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते दलाल स्ट्रीट पर सुबह से ही बिकवाली का माहौल देखा गया। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर दोनों प्रमुख सूचकांक—सेंसेक्स और निफ्टी—गहरे लाल निशान में चले गए और निवेशकों में मुनाफावसूली की होड़ मच गई।

    सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती गिरावट, डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर

    कारोबार की शुरुआत में तीस शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स एक सौ बयालीस दशमलव एक एक अंक टूटकर चौहत्तर हजार पांच सौ सात दशमलव सात तीन के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी भी सरसठ दशमलव छह अंकों की कमजोरी के साथ तेईस हजार चार सौ पंद्रह दशमलव नौ पांच पर आ गया। बाजार खुलने के बाद बिकवाली का यह दौर और आक्रामक हो गया, जिससे सेंसेक्स करीब सात सौ बयासी दशमलव एक शून्य अंक फिसलकर तिहत्तर हजार आठ सौ सरसठ दशमलव सात चार के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी पचास सूचकांक भी दो सौ पांच दशमलव शून्य पांच अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज करते हुए तेईस हजार दो सौ अठहत्तर दशमलव पांच शून्य पर कारोबार करता नजर आया। शेयर बाजार के साथ-साथ मुद्रा बाजार पर भी इसका असर दिखा और भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पंद्रह पैसे टूटकर पचानवे दशमलव चार सात के रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला, जो पिछले सत्र में पचानवे दशमलव दो सात पर बंद हुआ था।

    आईटी सेक्टर में सबसे बड़ी मार, टीसीएस और इंफोसिस के शेयर लुढ़के

    बाजार की इस चौतरफा गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र को उठाना पड़ा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब तीन दशमलव नौ प्रतिशत तक गोता लगा गया। इसके अलावा रीयल एस्टेट, मीडिया, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी और सरकारी बैंकों (PSU Banks) के सूचकांकों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि ऑटोमोबाइल और मेटल सेक्टर ने अपेक्षाकृत कम नुकसान के साथ बाजार को थोड़ा संभालने की कोशिश की। व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो देश की दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) के शेयर शुरुआती कारोबार में ही छह दशमलव छह फीसदी तक टूट गए। इसके साथ ही टेक महिंद्रा, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में भी तीन दशमलव एक से लेकर चार दशमलव तीन प्रतिशत तक की भारी गिरावट देखी गई।

    मिडकैप-स्मॉलकैप भी डूबे, अब आरबीआई की मौद्रिक नीति पर टिकी नजरें

    सेंसेक्स के बड़े शेयरों के साथ-साथ व्यापक बाजार में छोटे और मझोले शेयरों पर भी दबाव रहा; निफ्टी मिडकैप में शून्य दशमलव आठ पांच प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में शून्य दशमलव पांच आठ प्रतिशत की सुस्ती देखी गई। बाजार के तकनीकी जानकारों के मुताबिक, निफ्टी के लिए फिलहाल तेईस हजार दो सौ उनतीस का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट (सहारा) के रूप में काम कर रहा है और बाजार में दोबारा मजबूती तभी आएगी जब सूचकांक तेईस हजार आठ सौ के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार जाकर बंद होने में कामयाब होगा। इस बीच, घरेलू निवेशकों की निगाहें पूरी तरह से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिक गई हैं। यह तीन दिवसीय समीक्षा बैठक बुधवार से शुरू होकर शुक्रवार तक चलेगी, जिसके फैसलों का असर आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा।

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