बीजिंग। चीन का किंगहाई प्रांत मंगलवार को शक्तिशाली भूकंप के तेज झटकों से कांप उठा। रिक्टर पैमाने पर इस भूगर्भीय हलचल की तीव्रता 6.3 दर्ज की गई है। इस भीषण झटके के कारण समूचे प्रभावित क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में घरों, दुकानों और बहुमंजिला दफ्तरों से निकलकर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे। बताया जा रहा है कि इस भूकंप का मुख्य केंद्र हैक्सी प्रांत के अंतर्गत था। आपदा की गंभीरता को देखते हुए चीनी प्रशासन और आपदा प्रबंधन ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय राहत एवं बचाव दस्तों को आपातकालीन अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
धरातल से महज 10 किलोमीटर नीचे था केंद्र
अंतरराष्ट्रीय भूकंपीय वेधशाला से प्राप्त तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, भूकंप के यह तेज झटके स्थानीय समयानुसार शाम को करीब 5:06 बजे महसूस किए गए। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस भूकंपीय तरंग का केंद्र जमीन की सतह से केवल 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। केंद्र की गहराई बेहद कम होने के कारण ही सतह पर झटकों का प्रभाव बहुत ज्यादा विनाशकारी और तीव्र महसूस हुआ। भूकंप का यह केंद्र हैक्सी प्रांत के पहाड़ी और सुदूर ग्रामीण अंचल में स्थित है। यह झटका इतना जबरदस्त था कि मुख्य केंद्र से सटे कई पड़ोसी जिलों और कस्बों में भी लंबे समय तक धरती हिलने की पुष्ट खबरें सामने आई हैं, जिससे शुरुआती झटके के बाद भी लोग काफी देर तक सहमे रहे।
कम आबादी वाले पहाड़ी क्षेत्र होने से टला बड़ा संकट
इस प्राकृतिक आपदा के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जिस पहाड़ी क्षेत्र में भूकंप का केंद्र था, वहां रिहायशी आबादी का घनत्व बहुत कम है। सरकारी एजेंसियों के प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, मुख्य रूप से करीब 8,660 लोग ही इस भूकंप के सीधे असर वाले दायरे में आए हैं। क्षेत्रीय प्रशासन वर्तमान में प्रभावित सुदूरवर्ती इलाकों में संपत्ति और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान का सटीक डेटा जुटाने में लगा हुआ है। इसके लिए सुदूर पर्वतीय गांवों से उपग्रह संचार के जरिए संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक तत्परता के बीच सबसे अच्छी खबर यह रही कि शुरुआती दौर में किसी भी नागरिक के हताहत होने, घायल होने या किसी बड़े ढांचागत नुकसान की कोई अप्रिय सूचना प्राप्त नहीं हुई है।


