नयी दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सोमवार को विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्ष के जोरदार विरोध प्रदर्शन के बीच ही केंद्र सरकार ने लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए।
हंगामे के बीच लोकसभा में दो विधेयक पेश
सदन में जारी अफरा-तफरी के दौरान ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक पेश किया। इसके साथ ही, राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक पटल पर रखा। विपक्षी दलों के लगातार शोर-शराबे के चलते निचली सदन की कार्यवाही को दिन में दूसरी बार दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्षी हंगामे से बार-बार रुकी कार्यवाही
सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सुबह 11:14 बजे लोकसभा को पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। 12 बजे जैसे ही कार्यवाही पुनः प्रारंभ हुई, विपक्ष ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पीठ को कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए रोकनी पड़ी। वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा में भी स्थिति अलग नहीं रही और भारी शोर-शराबे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही को सुबह 11:22 बजे ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
रणनीति बनाने में जुटा विपक्ष
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले, संसद भवन स्थित राज्यसभा में विपक्ष के नेता के कार्यालय में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी रणनीतिकारों ने मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने और दोनों सदनों में एकजुट होकर मुद्दे उठाने पर सहमति जताई।


