नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में अंधविश्वास के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक कथित तांत्रिक ने अस्थमा से पीड़ित महिला को पूजा-पाठ से बीमारी ठीक करने और अघोरी अनुष्ठान के जरिए पैसों की बारिश कराने का झांसा देकर करीब 7.5 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी अरुण धोंडू पाटील के खिलाफ गंगापुर पुलिस थाने में महाराष्ट्र के जादू-टोना विरोधी कानून और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
आंखों पर पट्टी बांधकर ले जाया गया था अनुष्ठान के लिए
शिकायत के अनुसार, पनवेल की रहने वाली महिला को नासिक के गंगापुर निवासी अरुण पाटील की कथित शक्तियों के बारे में पता चला था। आरोपी ने गाड़ी भेजकर महिला और उसके पति को पनवेल से नासिक बुलाया, जहां दोनों की आंखों पर काली पट्टी बांधकर उन्हें अनुष्ठान स्थल तक ले जाया गया। बीमारी में कुछ समय के लिए हल्का सुधार महसूस होने पर पीड़ितों का विश्वास बढ़ गया, जिसके बाद तांत्रिक ने पैसों की बारिश का लालच देकर उनसे अलग-अलग पूजा के नाम पर भारी रकम ऐंठ ली।
अघोरी अनुष्ठान और अंधविश्वास का खेल
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने मासिक धर्म के दौरान खून से सने कपड़े मंगवाकर गंगापुर रोड स्थित बालाजी मंदिर के पास अघोरी अनुष्ठान कराया। आरोप है कि इस दौरान महिला को अर्धनग्न कर पारदर्शी वस्त्र पहनाया गया और पूजा में मानव खोपड़ी, चावल व बकरे की बलि जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, अनुष्ठान के बाद न तो महिला की बीमारी ठीक हुई और न ही पैसों की बारिश हुई। ठगी का अहसास होने पर जब उसने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ताओं ने पुलिस आयुक्त से मिलकर कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।


