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    Homeदुनियातेल की कीमतों में तेजी, अमेरिका-पाकिस्तान में बढ़े पेट्रोल के दाम

    तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिका-पाकिस्तान में बढ़े पेट्रोल के दाम

    नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के मध्य गहराते सैन्य संकट का विपरीत प्रभाव अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गई हैं। इस उछाल के चलते दुनिया के कई देशों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर महंगाई का बोझ जनता पर डालना शुरू कर दिया है।

    अमेरिका और पाकिस्तान में ईंधन महंगा, कई देशों में 200 के पार

    कच्चे तेल के दामों में तेजी आते ही अमेरिका में पेट्रोल की औसत खुदरा दर बढ़कर 4 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 3.14 डॉलर थी। वहीं, आर्थिक तंगी झेल रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान ने पेट्रोल की कीमत में 13.18 रुपये का इजाफा कर इसे 310.71 रुपये और डीजल को 323.30 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इसके अलावा साउथ अफ्रीका, साइप्रस, यूक्रेन, स्पेन और इटली जैसे देशों में पेट्रोल के दाम 150 से 200 रुपये प्रति लीटर के पार जा चुके हैं।

    भारत में दरें स्थिर, लेकिन लंबे संकट से व्यापार घाटे की चिंता

    वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में फिलहाल पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व का तनाव लंबा खींचता है तो अधिकांश कच्चा तेल आयात करने वाले भारत के लिए चालू खाते का घाटा (CAD) और व्यापार घाटा बढ़ने की चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

    शिपिंग भाड़ा और माल ढुलाई बढ़ने से महंगाई का खतरा

    होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण जहाजों को लंबे समुद्री रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। परिवहन दूरी बढ़ने और बीमा प्रीमियम में उछाल से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत दोगुनी से अधिक हो गई है। निर्यात विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि यदि स्थितियां जल्द सामान्य नहीं हुईं, तो ईंधन के साथ-साथ उर्वरक, रसायन, खाद्य वस्तुओं और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के दाम भी बढ़ेंगे, जिससे देश में व्यापक महंगाई का दबाव बन सकता है।

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