नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठकों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनके पूरे प्रतिनिधिमंडल को तय कार्यक्रम से पहले ही न्यूयॉर्क छोड़कर तुरंत ईरान वापस लौटने का कड़ा आदेश दिया है।
अमेरिका का बड़ा कदम, ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वापस भेजा
ट्रंप प्रशासन ने इसके पहले ईरान के साथ चल रहे तनाव के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री समेत उनके पूरे प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए वीजा प्रदान किया था। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में उच्चस्तरीय बैठकें समाप्त होने के बाद जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल वहीं रुका रहा, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उन्हें तत्काल देश छोड़ने का आदेश दे दिया, जिसके बाद अराघची और उनकी टीम मंगलवार तड़के न्यूयॉर्क से रवाना हो गई।
क्यों रुके हुए थे ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची?
जहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के ठीक एक दिन बाद ही न्यूयॉर्क से वापस लौट गए थे, वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराघची वहीं रुके हुए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके रुकने का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के साथ परोक्ष (इनडायरेक्ट) वार्ताओं में हिस्सा लेना था। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने, चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को दोबारा पटري पर लाना था।
क्यों भड़के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो?
सूत्रों के मुताबिक, अराघची की योजना कम से कम बुधवार तक न्यूयॉर्क में रुकने की थी। लेकिन सप्ताहांत के दौरान ईरान और कतर के मध्यस्थों के बीच हुई बैठकों में कोई ठोस प्रगति न होने के कारण अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का धैर्य जवाब दे गया।
अधिकारियों ने बताया कि रुबियो ने सोमवार को ही ईरानी पक्ष को दो टूक शब्दों में बता दिया था कि अब उनका न्यूयॉर्क में रुकना किसी भी तरह उचित नहीं है। रुबियो का स्पष्ट मानना था कि चूंकि संयुक्त राष्ट्र की मुख्य बैठकें पहले ही खत्म हो चुकी हैं, इसलिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल को बिना किसी देरी के वापस चले जाना चाहिए। अमेरिकी अधिकारियों के इस कड़े रुख के बाद ईरान के विदेश मंत्री को अपना दौरा बीच में ही छोड़कर वापस लौटना पड़ा है।


