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    पुतिन आए तो तेज हुई आर्थिक साझेदारी की बात, भारत-रूस में निवेश बढ़ाने पर जोर

    नई दिल्ली| केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से उच्चस्तरीय मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने भारत और रूस के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नए आयाम देने तथा रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।

    द्विपक्षीय निवेश संधि पर वार्ता आगे बढ़ाने पर सबसे बड़ी सहमति

    बैठक का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि दोनों देश द्विपक्षीय निवेश संधि (Bilateral Investment Treaty) पर जारी बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मजबूत और पारस्परिक रूप से लाभदायक ढांचा तैयार करना है, जिससे दोनों देशों के बीच निवेश के प्रवाह को गति मिले और आर्थिक गतिविधियां अधिक पारदर्शी व सुगम बन सकें।

    वित्तीय सेवाओं और व्यापारिक सहयोग को गहरा करने पर जोर

    भारत और रूस के बीच आर्थिक साझेदारी में वित्तीय क्षेत्र और रणनीतिक निवेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। बैठक में न केवल मौजूदा व्यापारिक संबंधों को बनाए रखने पर विचार हुआ, बल्कि वित्तीय सेवाओं तथा बैंकिंग तंत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों की पहचान पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

    प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की शिखर मुलाकात से जुड़ाव

    यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की आगामी द्विपक्षीय वार्ता में सीमा पार भुगतान प्रणाली, ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक व्यापार और वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य जैसे ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक सहमति बनने की संभावना है।

    18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत का विजन और वैश्विक प्रभाव

    भारत इस वर्ष नई दिल्ली में 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' विषय (थीम) के तहत 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। 11 सदस्य देशों का यह शक्तिशाली समूह विश्व की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है, जो वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं को दिशा देने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।

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