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    जैसलमेर-बाड़मेर में पारा पहुंचा चरम, 23 मई से भीषण लू का अलर्ट जारी

    जैसलमेर। राजस्थान में मई महीने के दूसरे हिस्से की शुरुआत के साथ ही सूर्यदेव ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जैसलमेर, बाड़मेर और पोकरण समेत मरुधरा के सीमावर्ती जिलों में भीषण गर्मी ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दोपहर होते ही स्थिति यह हो जाती है कि मानो कर्फ्यू लग गया हो; सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है और लोग जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। हालांकि, जैसलमेर में चली तेज हवाओं ने थोड़ी देर के लिए झुलसते लोगों को राहत दी, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि असली अग्निपरीक्षा 23 मई से शुरू होने वाली है।

    स्वर्णनगरी में तेज हवाओं से मामूली राहत, पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

    जैसलमेर में पिछले कुछ घंटों के दौरान 12 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं ने तापमान को थोड़ा नियंत्रित किया है। इस वजह से यहां का अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले दिन के मुकाबले पारे में 1.6 डिग्री की गिरावट तो आई है, लेकिन मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह राहत बहुत ही अस्थायी है। इस वीकेंड (शनिवार-रविवार) तक जैसलमेर का पारा एक बार फिर छलांग लगाते हुए 45 से 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है।

    पोकरण में सुबह से ही चली लू, थमा बाजारों का कारोबार

    पोकरण और इसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में भी भीषण गर्मी का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां सुबह 10 बजे के बाद से ही सूरज की किरणें त्वचा को झुलसाने लगती हैं और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़े शुरू हो जाते हैं। दोपहर होते-होते कस्बे के प्रमुख बाजारों और मुख्य चौराहों पर सन्नाटा छा जाता है, जिससे स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। देर रात तक चलने वाली इन गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों के भीतर भी बैठना दूभर हो गया है।

    बाड़मेर में पारा 43.6 डिग्री के पार, तपती सड़कों पर सन्नाटा

    रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में भी तपिश और उमस लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सुबह की शुरुआत के साथ ही तीखी धूप लोगों को बेहाल करने लगती है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। सुबह से ही चलने वाली लू के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग केवल शाम ढलने के बाद ही बाहर निकल रहे हैं।

    मौसम विभाग का 'सीवियर हीट वेव' अलर्ट और प्रशासन की गाइडलाइन

    मौसम केंद्र के अनुसार 23 मई के बाद से इन सभी सीमावर्ती जिलों में उष्ण लहर (Severe Heat Wave) यानी अत्यधिक प्रचंड लू चलने की आशंका है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए जरूरी एडवायजरी जारी की है:

    • दोपहर में बाहर जाने से बचें: बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच घर या दफ्तर से बाहर निकलें।

    • तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं: शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए लगातार पानी, नींबू पानी, छाछ, ओआरएस (ORS) घोल और मौसमी फलों के रस का सेवन करते रहें।

    • सुरक्षा के उपाय अपनाएं: जब भी बाहर निकलें, अपने सिर, गर्दन और चेहरे को सूती कपड़े या गमछे से अच्छी तरह ढककर रखें और धूप के चश्मे का प्रयोग करें।

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