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    गुरु पूर्णिमा पखवाड़े ने जगाई भारतीय संस्कृति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की नई चेतना

    भोपाल : प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में 15 जुलाई से शुरू हुए गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के रूप में समापन हुआ। इस अवसर पर प्रदेश भर के विद्यालयों और सभी सांदीपनि विद्यालयों में सरस्वती वंदना, गुरु सम्मान, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण सहित विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, गुरु के प्रति सम्मान, अनुशासन एवं नैतिक जीवन मूल्यों के प्रति नई चेतना का संचार किया।

    पखवाड़े के दौरान भाषण, निबंध, योग, कॅरियर मार्गदर्शन, प्रेरक व्याख्यान, संस्कृत श्लोक वाचन, गुरु वंदना, भजन प्रस्तुति, 'एक गुरु–एक वृक्ष' अभियान, स्वच्छता एवं जनजागरूकता रैली तथा गुरु-शिष्य संवाद जैसे विविध कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सशक्त बनाने प्रयास किया गया। इसी अवधि में नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए तथा उनका उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) भी किया गया, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्यपरक शिक्षा के उद्देश्यों से परिचित कराया जा सके। प्रदेश के सभी सांदीपनी विद्यालयों में सांदीपनी उत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

    इसी क्रम में सांदीपनि उत्सव के अंतर्गत प्रदेश में नवीन सांदीपनी विद्यालयों के लोकार्पण का क्रम भी निरंतर जारी रहा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अशोकनगर, छतरपुर (चंदला), बड़वानी, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, जबलपुर, सिवनी, रीवा, मैहर, सीधी, सागर, धार, दमोह, निवाड़ी, पन्ना, टीकमगढ़, अनूपपुर, उज्जैन, नीमच तथा मंदसौर सहित विभिन्न जिलों में सांदीपनि उत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन विद्यालयों के माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक अधोसंरचना, नवाचार आधारित शिक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा भारतीय संस्कारों से युक्त उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल को और मजबूती मिली।

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