कंधार: अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में अमेरिकी सैनिकों और एक विशालकाय जीव ('कंधार जायंट') के बीच हुई मुठभेड़ की रहस्यमयी कहानी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। जुलाई 2026 में शोधकर्ता टिमोथी अल्बेरिनो द्वारा 'द जो रोगन एक्सपीरियंस' पॉडकास्ट में इस घटना का दोबारा जिक्र करने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है।
12 फीट लंबा जीव और छह-छह उंगलियां: क्या है पूरा दावा?
दावों के अनुसार, वर्ष 2002 में कंधार के पथरीले और दुर्गम इलाके में अमेरिकी सैनिकों की एक पेट्रोलिंग टीम अचानक लापता हो गई थी। उनकी तलाश में निकली स्पेशल फोर्सेज की टीम जब एक गुफा के पास पहुंची, तो वहां से 10 से 12 फीट ऊंचा और लगभग 500 किलोग्राम वजनी एक लाल-भूरे बालों वाला विशालकाय जीव निकला। उसके हाथों और पैरों में छह-छह उंगलियां थीं। कथित तौर पर उसने सैनिकों पर हमला कर एक अमेरिकी सैनिक को मार डाला, जिसके बाद अन्य सैनिकों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर उस जीव को ढेर कर दिया।
विमान के पायलट का दावा: 500 किलो का शव गुप्त रूप से बाहर ले जाया गया
शोधकर्ता टिमोथी अल्बेरिनो का दावा है कि उन्होंने एक अमेरिकी सैन्य विमान के पायलट से बात की थी, जिसने तिरपाल से ढका एक विशालकाय शव देखा था। पैलेट समेत उसका वजन करीब 680 किलोग्राम (1,500 पाउंड) था, जिसमें से पैलेट हटाने पर शव का शुद्ध वजन 500 किलो निकला। अल्बेरिनो का यह भी मानना है कि वहां एक से अधिक जीव मौजूद थे, इसलिए इसे 'कंधार जायंट्स' कहा जाना चाहिए।
क्या हैं इस कहानी के तथ्य और आधिकारिक स्थिति?
यह कहानी 2005 से ही इंटरनेट और रेडियो शो में घूम रही है, लेकिन इसके वैज्ञानिक व आधिकारिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट है:
कोई आधिकारिक सैन्य रिकॉर्ड नहीं: पेंटागन और अमेरिकी सेना ने ऐसी किसी भी घटना, मुठभेड़ या विशालकाय शव को पूरी तरह खारिज किया है।
ठोस सबूतों का अभाव: अब तक इस कथित जीव का कोई सत्यापित डीएनए नमूना, मेडिकल रिपोर्ट, स्पष्ट तस्वीर या आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं हुआ है।
अज्ञात चश्मदीद: दावों में शामिल पायलट या सैनिकों की पहचान सार्वजनिक रूप से कभी सिद्ध नहीं हो सकी है।


