मुंबई: 1 मई को मुंबई पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद 1994 बैच के आईपीएस देवेन भारती अब एक्शन में आ गए हैं। मुंबई पुलिस ने आयुक्त ने जनता दरबार की शुरुआत की है। देवेन भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जनता दरबार की कुछ फोटो साझा करके लिखा है कि नो अपॉइंटमेंट…हर मंगलवार को शाम साढ़े तीन बजे मैं शिकायतें सुनने के लिए उपलब्ध रहूंगा। भारती ने साफ किया है कि इसके लिए कोई अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं होगी। मुंबई पुलिस के शीर्ष अधिकारी के देवेन भारती ने साफ किया है कि इस पहल का मकसद न केवल शिकायतों का समाधान करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि मुंबईकरों को अपनी बात रखने के लिए एक सुलभ और पारदर्शी मंच मिले।
मुख्यालय में जनता दरबार
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती की बड़ी पहल के बाद मुंबईकर अब अपनी शिकायतों को जरूरी होने पर शीर्ष स्तर पर भी रख सकेंगे। जनता दरबार में आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा। इस जनता दरबार की खास बात यह है कि इस मुलाकात के लिए किसी पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। जिससे आम लोग बिना किसी औपचारिकता के अपनी बात सीधे पुलिस आयुक्त तक पहुंचा सकेंगे। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम है।
सीधे जनता से होगा संवाद
मुंबई पुलिस में काफी समय बाद ऐसा हुआ है कि जब मुंबई पुलिस का सर्वोच्च अधिकारी इस तरह जनता के लिए सीधे उपलब्ध होंगे। इस दरबार में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह छोटी-मोटी शिकायत हो या गंभीर मुद्दा, सीधे पुलिस आयुक्त से मिलकर अपनी बात रख सकता है। मुंबईअपराध, ट्रैफिक, और सामाजिक समस्याएं आम हैं। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के जनता दरबार को सोशल मीडिया पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। देवेन भारती 26/11 मुंबई हमले के दोषी कसाब को फांसी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह मूलरूप से बिहार के दरभंगा के रहने वाले हैं। उन्हें मुंबई की अच्छी समझ है क्योंकि उन्होंने अपनी पुलिस सेवा का लंबा वक्त मुंबई में बिताया है।


