भोपाल | मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से ज्यादा महिलाओं के लिए खुशियों भरा संदेश आया है क्योंकि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की तारीख तय कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आगामी 13 मई 2026 को प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 36वीं किस्त का पैसा ट्रांसफर करेंगे।
नरसिंहपुर के मुंगवानी से होगा राशि का वितरण
इस बार मुख्य कार्यक्रम नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुंगवानी में आयोजित किया जाएगा, जहाँ से मुख्यमंत्री प्रदेश भर की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये की राशि एक सिंगल क्लिक के जरिए भेजेंगे। गौरतलब है कि इससे पिछला कार्यक्रम सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित हुआ था, जहाँ 12 अप्रैल को 35वीं किस्त के रूप में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी गई थी।
योजना की पात्रता और लाभ की शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला का मध्य प्रदेश का स्थानीय निवासी होना जरूरी है और उसकी आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें विवाहित महिलाओं के साथ-साथ विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं, बशर्ते उनका अपना बैंक खाता आधार से लिंक हो और उसमें DBT की सुविधा सक्रिय हो। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें इस योजना के माध्यम से प्रति माह 900 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।
किन कारणों से रुक सकता है योजना का लाभ
योजना के नियमों के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाएं इस लाभ से वंचित रह सकती हैं जैसे कि यदि परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है। इसके अलावा जिन परिवारों के पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक खेती की जमीन है या जिनके पास ट्रैक्टर को छोड़कर कोई अन्य चार पहिया वाहन है, वे इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं। सरकारी नौकरी करने वाले या सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन पाने वाले परिवारों को भी इस योजना का पात्र नहीं माना गया है।
पोर्टल के माध्यम से भुगतान की स्थिति जानने की प्रक्रिया
लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कोई भी महिला अपने आवेदन और भुगतान की वर्तमान स्थिति की जांच बहुत आसानी से कर सकती है। इसके लिए पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर दिए गए "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" वाले विकल्प का चयन करना होता है, जिसके बाद अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करनी पड़ती है। सुरक्षा के लिए मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी को वेरिफाई करने के बाद सिस्टम तुरंत भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देता है।


