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    Homeबिजनेसव्यापार जगत में हलचल, इंटेल डील पर ट्रंप का बयान आया सामने

    व्यापार जगत में हलचल, इंटेल डील पर ट्रंप का बयान आया सामने

    व्यापार : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि चिप निर्माता कंपनी इंटेल अपने व्यवसाय में अमेरिकी सरकार को 10% हिस्सेदारी देगी। यह समझौता ट्रंप और इंटेल सीईओ लिप बु टैन के बीच बैठक के बाद हुआ। बताया गया कि बाइडन प्रशासन द्वारा इंटेल को दिए गए अनुदान को हिस्सेदारी में बदला जाएगा। यदि सौदा पूरा होता है तो अमेरिकी सरकार इंटेल की सबसे बड़ी शेयरधारकों में शामिल होगी। दरअसल, ट्रंप प्रशासन अपने दूसरे कार्यकाल में चिप उद्योग को पुनर्गठित कर रहा है। एनवीडिया और एएमडी जैसी कंपनियों से चीन को बिक्री पर अमेरिका 15% कमीशन ले रहा है।

    म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन

    म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करने वाली महिलाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन शुरू किया जा सकता है। सेबी इस योजना पर विचार कर रहा है। इससे महिलाओं को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा, जब तक महिलाओं का समान प्रतिनिधित्व नहीं होगा, वित्तीय समावेशन अधूरा रहेगा। पांडे ने एक कार्यक्रम में कहा, हम पहली बार निवेश करने वाली महिला निवेशकों के लिए अतिरिक्त वितरण प्रोत्साहन शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं। सेबी उद्योग को सुविधा देने और प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय कर रहा है। शीर्ष 30 शहरों से आगे वाले शहर में पहली बार व्यक्तिगत निवेश के लिए वितरकों को प्रोत्साहित करने का एक प्रस्ताव पहले से ही विचाराधीन है। पांडे ने कहा, इससे न केवल नए प्रतिभागी जुड़ेंगे, बल्कि म्यूचुअल फंड की पहुंच कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों तक भी बढ़ेगी।

    अब 20 साल पुराने वाहन भी चलाएं, पर देना होगा ज्यादा रजिस्ट्रेशन शुल्क

    केंद्र सरकार ने देश भर में 20 साल या उससे अधिक पुराने वाहनों को चलाने की अनुमति दे दी है। लेकिन इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क ज्यादा देना होगा। इस संबंध में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नया नोटिफिकेशन जारी किया है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में यह नियम लागू नहीं होगा, क्योंकि यहां 15 साल पुराने वाहनों को चलाने पर रोक लगी है। सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदला किया है। इसका मसौदा फरवरी महीने में जारी किया गया और प्रभावित होने वाले पक्षों से आपत्तियां मांगी गई थी। अब सरकार ने बदलने हुए नियम जारी किए हैं, जो सरकारी गजट में प्रकाशित होने के बाद प्रभाव में आ जाएंगे। नए नियमों के तहत अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क तय किया गया है।

    बारिश के कारण घट रही बिजली की खपत, बिलों में होगी भारी बचत

    इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग अनुमानित 277 गीगावाट तक पहुंचने की संभावना नहीं है। रुक-रुक कर हो रही बारिश ने एयर कंडीशनर जैसे साधनों के उपयोग में कमी की है। इससे लोगों के बिजली बिल में भारी बचत होने का अनुमान है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने कहा, इसी तरह बारिश जारी रही, तो बिजली की मांग उच्च स्तर तक नहीं पहुंचेगी। सरकार ने सितंबर में 277 गीगावाट की अधिकतम बिजली मांग का अनुमान लगाया था। हमने संसाधन तैयार रखे थे, ताकि मांग ज्यादा हो तो हम उसे पूरा कर सकें। इस बार लगातार बारिश हो रही है, इसलिए बिजली की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई है। अप्रैल, मई, जून व जुलाई में वर्षा हुई। यह अगस्त तक जारी रही। उत्तरी क्षेत्र में जुलाई के बाद बारिश होती है, लेकिन इस साल बहुत पहले शुरू हो गई। इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग 242 गीगावाट रही।

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