उज्जैन। सिंहस्थ-2028 को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस ने आधुनिक सुरक्षा की व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। योजना के अंतर्गत शहर और जिले के संवेदनशील स्थलों में लगभग 350 स्थानों पर 3 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके बाद पूरे जिले में निगरानी कैमरों की संख्या 10 हजार के पार पहुंच जाएगी। वर्तमान में 6,054 कैमरे पहले से सक्रिय हैं और निरंतर निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के अंतिम छोर तक मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार करना है, ताकि किसी भी आपराधिक घटना के बाद संदिग्धों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
आधुनिक तकनीक से लैस होगी सुरक्षा व्यवस्था
सिंहस्थ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र में 30 अत्याधुनिक डोम कैमरे लगाए जाएंगे, जो 360 डिग्री एंगल से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखेंगे। प्रमुख चौराहों और खुले स्थानों की लाइव मॉनिटरिंग के साथ हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी। वहीं, शिप्रा नदी में 30 अंडर-वॉटर कैमरे भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्नान के दौरान किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति का तुरंत पता लगाकर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को 5,000 बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे, जिनसे हर गतिविधि की लाइव रिकॉर्डिंग होगी। पुलिस वाहनों में 400 डैश कैमरे लगाए जाएंगे, जो आगे और पीछे दोनों दिशाओं की निगरानी करेंगे। वहीं, पीसीआर वैन पर 360 डिग्री कैमरे लगाकर गश्त के दौरान चारों ओर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
वर्तमान में मौजूद कैमरों की स्थिति
जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। फिलहाल जिलेभर में 6,054 कैमरे सक्रिय हैं, जिनमें शासकीय, पंचायत और सबसे अधिक जनभागीदारी से लगाए गए निजी कैमरे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते लोगों ने बड़ी संख्या में कैमरे स्थापित किए हैं। महाकाल क्षेत्र इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
शहर से लेकर गांवों तक फैलेगा निगरानी नेटवर्क
पुलिस की निगरानी व्यवस्था अब सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगी। यदि कोई अपराधी शहर से भागकर ग्रामीण इलाकों में पहुंचता है, तो वहां भी कैमरों के मजबूत नेटवर्क के जरिए उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम पंचायतों और स्थानीय नागरिकों का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि शहर से लेकर गांव तक सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से पहले भी कई अहम मामलों का सफल खुलासा हो चुका है। इसी अनुभव को देखते हुए पूरे जिले में आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।


