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    तेल सप्लाई पर असर का खतरा! होर्मुज स्ट्रेट शुल्क मुद्दे पर ईरान-ओमान वार्ता

    तेहरान। ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क वसूलने की प्रणाली को लेकर चर्चा कर रहे हैं, जिसका अमेरिका कड़ा विरोध कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नई बनाई गई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया की सीमा तय कर दी है। अथॉरिटी ने घोषणा की है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों के लिए अब परमिट अनिवार्य होगा। फरवरी में अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक यातायात को करीब रोक दिया था, इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर बुरा असर पड़ा और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी आई। इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से राजस्व जुटाने के विकल्पों पर चर्चा शुरू की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां किसी भी तरह का टोल या शुल्क लगाया जाना अस्वीकार्य है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान के कदम का पुरजोर विरोध किया है। यह जलमार्ग दुनिया के करीब 20 प्रतिशत समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। इसके बाद यहां किसी भी प्रकार के शुल्क या प्रतिबंध का वैश्विक ऊर्जा बाजार और शिपिंग उद्योग पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
    रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान सीधे टोल लगाने के बजाय सर्विस फीस मॉडल पर काम कर रहा है। इसके तहत जहाजों से ट्रांजिट फीस, पर्यावरण शुल्क और अन्य सेवाओं के नाम पर रकम वसूली जा सकती है। दो ईरानी अधिकारियों ने बताया कि ओमान भी इस प्रस्ताव में संभावित आर्थिक फायदे को देखकर इसमें हिस्सेदारी पर चर्चा कर रहा है। ओमान खाड़ी देशों और अमेरिका के साथ योजना को आगे बढ़ाने का प्रयास कर सकता है, जिससे इस संवेदनशील मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ सकता है।
     

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