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    बांधवगढ़ में बाघ गणना की तैयारी हुई तेज, 180 फील्ड स्टाफ को किया जा रहा ट्रेंड

    उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ गणना 2026 की तैयारी तेज कर दी गई है, इसके लिए विभिन्न फेज में लगातार अलग-अलग लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है, 10 नवंबर से 13 नवंबर तक 4 दिवसीय ट्रेनिंग का आयोजन फिर से किया गया है, इस बार फील्ड स्टाफ को ट्रेंड किया जा रहा है. जिससे बाघ गणना में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और बाघों की एक्चुअल संख्या निकलकर सामने आ सके.

    180 फील्ड स्टाफ को किया जा रहा ट्रेंड

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साल 2026 में होने वाले बाघ गणना को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है, इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है. 10 नवंबर से 13 नवंबर 2025 तक, 4 दिवसीय फील्ड स्टाफ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. यह ट्रेनिंग कार्यक्रम बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला सेंटर में आयोजित किया जा रहा है. इससे पहले क्षेत्रीय वन मंडल एवं समन्वय स्तर के अधिकारियों की ट्रेनिंग कंप्लीट की जा चुकी है. अब फील्ड स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिया जा रहा है. इस ट्रेनिंग सेशन में टोटल 180 फील्ड स्टाफ को चार दिनों में अलग-अलग समूह में ट्रेनिंग दिया जाएगा, ट्रेनिंग के पहले दिन 45 प्रतिभागियों ने ट्रेनिंग सत्र में हिस्सा लिया.

    मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणी सर्वेक्षण विधियां

    इस ट्रेनिंग के पहले दिन मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा, मोहित खटीक और धीरेंद्र शुक्ला सहित जितने भी स्टाफ ट्रेनिंग लेने के लिए आए थे, उन्हें मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणी सर्वेक्षण विधियां, ट्रांसेक्ट लाइन सर्वेक्षण, हैबिटेट प्लांट डालना, कैमरा ट्रैप संचालन संबंधी सैद्धांतिक एवं फील्ड दोनों प्रकार की ट्रेनिंग दी गई है. क्लास में ट्रेनिंग कंप्लीट करने के बाद सभी कर्मचारियों को तीन भागों में बांट दिया गया और फिर इन्हें फील्ड अभ्यास भी कराया गया, जिसमें रेंज फाउंडर, कंपास, कैमरा ट्रैप जैसे उपकरणों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई.

    कैमरा ट्रैप की गलतियों पर विशेष फोकस

    मास्टर ट्रेनर्स ने इस ट्रेनिंग में कैमरा ट्रैप लगाने में जो गलतियां होती है, उस पर विशेष फोकस किया. जैसे कैमरा लगाते समय गलत दिशा में लगा देना, उसकी दूरी और ऊंचाई पर विशेष फोकस करना और उनसे बचाव के उपाय बताए गए हैं. जिससे जो डाटा संग्रहण है उसे सटीक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो सके

    इस ट्रेनिंग को लेकर क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने भारतीय बाघ आकलन के इतिहास महत्व और आवश्यकता पर बात की है. इसके अलावा तकनीकी सतर्कता के महत्व पर फोकस करने को भी कहा है. जिससे सटीक बाघ गणना हो सके और बाघों की सही संख्या सामने आ सके. उपसंचालक पीके वर्मा ने फील्ड स्टाफ से कहा है कि गंभीरता और निष्ठा से इस बाघ गणना को करें. जिससे टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना सही तरीके से हो सके.

     

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