भोपाल : मध्यप्रदेश में मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘औजार खरीदी अनुदान योजना’ निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को अपने कार्य से संबंधित औजार खरीदने पर बैंक ऋण के माध्यम से 10 प्रतिशत या अधिकतम ₹5000 तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
विदिशा के श्रमिक देवेंद्र शर्मा को इस योजना के अंतर्गत औजार खरीदी के लिए ₹5000 की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस सहयोग से उनके कार्य में दक्षता बढ़ी है और आय के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
योजना का उद्देश्य श्रमिकों को आधुनिक उपकरणों से जोड़ना और उन्हें औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए श्रमिक का पंजीकृत होना, 60 वर्ष से कम आयु और अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित औजारों की खरीदी अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया को सरल रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत तथा शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
पात्रता और रणनीतिक शर्तें
संसाधनों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने के लिए योजना में स्पष्ट मापदंड निर्धारित किए गए हैं :
वैध पंजीकरण-लाभार्थी का MPBOCW (म.प्र. भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल) में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना अनिवार्य है।
आयु सीमा- इस योजना का लाभ 60 वर्ष की आयु तक के श्रमिक ही ले सकते हैं।
जीवनकाल में एक बार- संसाधनों की बर्बादी रोकने और अधिक लोगों तक पहुँच बनाने के लिए, यह लाभ श्रमिक को उसके जीवनकाल में केवल एक बार (One-time benefit) दिया जाएगा।
कार्य प्रासंगिकता -एक अत्यंत महत्वपूर्ण नियम यह है कि खरीदे गए उपकरण या औजार श्रमिक के अपने विशिष्ट कार्यक्षेत्र से ही संबंधित होने चाहिए।
‘औजार खरीदी अनुदान योजना’ श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हो रही है।


