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    ट्रैफिक पुलिस का महा-एक्शन! 29 हजार वाहन होंगे सड़क से बाहर? ब्लैकलिस्ट होने से पहले चेक करें अपना स्टेटस

    Bilaspur: आप बार-बार यातायात नियम तोड़ रहे और पुलिस के भेजे जा रहे ई-चालान को भी जमा नहीं कर रहे, तो फिर आप सतर्क हो जाएं, क्याेंकि आपके वाहन अब ब्लैकलिस्टेड होने जा रही है. यातायात पुलिस ने ऐसे 29 हजार वाहनों को चिन्हांकित करके उन्हे ब्लैकलिस्ट करने के लिए परिवहन विभाग को इसकी जानकारी दे दी है. यातायात पुलिस की माने तो तीन से अधिक चालान बकाया रखने वाले वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी की जा रही है. ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ न केवल ब्लैकलिस्टिंग होगी, बल्कि आगे चलकर रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है.

    आईटीएमएस से कट रहा ई-चालान, फिर भी नहीं सुधर रहे चालक
    यातायात पुलिस द्वारा आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत शहर में लगे कैमरों से नियम तोड़ने वालों के ई-चालान सीधे घर भेजे जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई वाहन चालक न तो नियमों का पालन कर रहे हैं और न ही चालान का भुगतान. यातायात पुलिस के अनुसार, लगातार चालान बकाया रखने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है और ऐसे वाहन मालिक लापरवाही बरतते हुए सड़कों पर खतरा बने हुए हैं.

    29 हजार वाहन होंगे ब्लैकलिस्टेड
    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यातायात पुलिस ने तीन से अधिक चालान बकाया रखने वाले करीब 29 हजार वाहनों की सूची तैयार कर परिवहन विभाग को भेज दी है. अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी वाहनों के नाम सूची में जोड़े जाएंगे.
    विभाग के अनुसार, लगातार और गंभीर उल्लंघन करने वाले वाहन सबसे पहले ब्लैकलिस्ट किए जाएंगे, जिनमें स्टंटबाजी, मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाना, ओवर स्पीडिंग, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना, बिना लाइसेंस वाहन चलाना इत्यादि शामिल है. अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में अधिकांश आरोपी युवा वर्ग के चालक हैं, जो बार-बार चेतावनी और कार्रवाई के बावजूद नहीं सुधर रहे.

    ब्लैकलिस्ट होने पर होंगे ये नुकसान
    यदि किसी वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है, तो वाहन मालिक को कई गंभीर खामियाजे भुगतना पड़ सकता हैं.

    वाहन का रजिस्ट्रेशन निलंबित या रद हो सकता है.
    वाहन की बिक्री, ट्रांसफर या नवीनीकरण नहीं हो पाएगा.
    बीमा क्लेम में दिक्कतें आ सकती हैं.
    पीयूसी सर्टिफिकेट भी नहीं बनेंगे.
    भविष्य में चालान और जुर्माने की राशि और बढ़ सकती है.
    ऐसे वाहन फिर अवैध कहलाएंगे और सड़क पर पकड़े जाने पर जब्त हो जाएंगे.
     

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