More
    Homeराज्ययूपीट्रेन लेट से यात्रा का बना संकट, यात्री बोले– न कोई सूचना,...

    ट्रेन लेट से यात्रा का बना संकट, यात्री बोले– न कोई सूचना, न समाधान

    प्रयागराज। दिल्ली-मुंबई रूट पर चल रही विशेष ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बेपटरी हो गया है। अधिक किराया होने के बावजूद इन ट्रेनों में समय भी अधिक लग रहा है। इन ट्रेनों में आठ से 14 घंटे तक की देरी हो रही है, जिससे यात्रियों की परेशानी चरम पर है।

    प्रयागराज से गुजरने वाली कई विशेष ट्रेनें जैसे जयनगर-आनंद विहार विशेष ट्रेन 14 घंटे, हावड़ा-नई दिल्ली विशेष ट्रेन 16 घंटे, नई दिल्ली-शेखपुर विशेष ट्रेन छह घंटे, दरभंगा विशेष ट्रेन आठ घंटे, अवध एक्सप्रेस आठ घंटे और मैसूर विशेष ट्रेन सवा छह घंटे की देरी से पहुंची। इससे यात्रियों का गुस्सा भड़क उठा है और वे रेल मदद एप, रेलवे हेल्पलाइन और एक्स पर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।

    उत्तर मध्य रेलवे के डीआरएम रजनीश अग्रवाल लगातार ट्रेनों को समय पर चलाने और समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश दे रहे हैं, लेकिन ट्रेनों के विलंबित होने का सिलसिला थम नहीं रहा। एक्स पर यात्रियों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। जयनगर-आनंद विहार विशेष ट्रेन (ट्रेन नंबर 02563) में सफर कर रहे अमित कुमार ने लिखा, "14 घंटे की देरी! रेलवे का यह हाल है कि न समय की पाबंदी, न जानकारी। प्रयागराज में घंटों इंतजार करना पड़ा।"

    इसी तरह, हावड़ा-नई दिल्ली विशेष ट्रेन (ट्रेन नंबर 02301) की यात्री प्रिया शर्मा ने शिकायत की, "16 घंटे लेट! परिवार के साथ सफर कर रही हूं, कोई सूचना नहीं, स्टेशन पर सुविधाएं नदारद। रेलवे को यात्रियों की परवाह नहीं।" अवध एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 19037) में सफर कर रहे राकेश वर्मा ने लिखा, "आठ घंटे की देरी से प्रयागराज पहुंची ट्रेन। रेलवे की लापरवाही से हमारी जरूरी मीटिंग छूट गई।"

    यात्रियों का कहना है कि स्टेशनों पर न तो समय पर जानकारी दी जा रही है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। कई यात्रियों ने खानपान और बैठने की व्यवस्था की कमी की भी शिकायत की। एक यात्री स्नेहा सिंह ने एक्स पर लिखा, "दरभंगा विशेष ट्रेन आठ घंटे लेट। प्रयागराज स्टेशन पर पानी तक उपलब्ध नहीं। रेलवे का यह रवैया अस्वीकार्य है।" डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने अधिकारियों को ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करने और यात्रियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद, विशेष ट्रेनों के संचालन में सुधार नहीं हो पा रहा।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here