More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशट्रिपल तलाक का मामला फिर सुर्खियों में, पति ने फोन पर कहा

    ट्रिपल तलाक का मामला फिर सुर्खियों में, पति ने फोन पर कहा

    बड़वानी|मध्य प्रदेश में एक बार फिर ट्रिपल तलाक का मामला सामने आया है. बड़वानी में एक महिला ने दो बेटियों को जन्म दिया तो पति ने फोन पर ही ट्रिपल तलाक दे दिया. पीड़िता ने बताया कि दो बेटियों के जन्म के बाद से ही ससुराल वाले लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. पति और सास-ससुर हर बात पर ताने मारते थे. फिर एक दिन पति ने फोन करके फोन पर ही तलाक, तलाक, तलाक बोल दिया. फिलहाल पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी|

    पहली बेटी के जन्म के बाद ही ससुराल वालों का व्यवहार बदला

    पूरा मामला बड़वानी जिले का है. पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी राजपुर निवासी जाहिद से साल 2023 में हुई थी. शुरुआत में सबकुछ ठीक था. ससुराल वालों से रिश्ते भी अच्छे थे. शादी के बाद प्रेग्नेंसी के दौरान ही शौहर और सास-ससुर बेटे के जन्म की बात कहते रहते थे. पीड़िता ने बताया कि साल 2024 में उसने बेटी को जन्म दिया था. लेकिन बेटी को जन्म देते ही ससुराल वालों का रवैया बदल गया. पति सही से बात नहीं करता था और सास-ससुर वाले ताने मारने लगे. इसके बाद साल 2025 में दूसरी बेटी के जन्म के बाद तो ससुराल वालों की ज्यादती बढ़ती चली गई. हर दिन ससुराल वाले ताने मारते थे और शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित करने लगे|

    परिजनों के सामने भी दिया तीन तलाक

    पीड़िता ने बताया कि बेटियों के जन्म के बाद से ही ससुराल वाले और दहेज की डिमांड करने लगे. बेटे की चाहत में इतने अंधे हो गए थे कि लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. पीड़िता ईद में अपने घर आई थी. तभी पति का फोन आया और उसने तीन तलाक दे दिया. इसके बाद पीड़िता के परिजन पति को समझान के लिए खुद उसके घर गए, लेकिन आरोपी जाहिद ने परिवार वालों के सामने भी पीड़िता को तीन तलाक दे दिया|

    पुलिस ने मामला दर्ज किया

    पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपी जाहिद मंसूरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. जांच में पाया गया है कि जाहिद ने गलत तरीके से तलाक दिया है, मामले में जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी|

    बता दें सुप्रीम कोर्ट तलाक-ए-बिद्दत (3 तलाक) की प्रक्रिया को असंवैधानिक करार दे चुका है. जिसके बाद साल 2019 में तीन तलाक के खिलाफ सरकार मुस्लिम महिला विवाह अधिनियम 2019 ने कानून बनाया था. जिसमें एक साथ तीन तलाक देने को गैर कानूनी बताया है|

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here