महोबा| बुंदेलखंड की हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सीट से समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद अजेंद्र सिंह लोधी अपने एक विवादित बयान के कारण कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। पुलिस ने इस मामले में सांसद के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के दौरान बिगड़े बोल
सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी द्वारा विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने मर्यादा की सीमाएं पार कर दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें 'देशविरोधी' करार दिया। सांसद के इस बयान को भाजपा ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
आल्हा चौक पर पुतला दहन और नारेबाजी
सांसद के बिगड़े बोल की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शहर के प्रसिद्ध आल्हा चौक पर भाजपा समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सांसद का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करने वाले नेता पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
ईवीएम और जनहित के मुद्दों पर भी घेरा
प्रदर्शन के दौरान सांसद केवल व्यक्तिगत टिप्पणी तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने सरकार की नीतियों पर भी कड़े प्रहार किए। उन्होंने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें जनता की जेब काटने वाला बताया। साथ ही, जिले में फसल बीमा घोटाले और बंद हो रहे विद्यालयों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने ईवीएम की निष्पक्षता पर भी संदेह जताया। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता सपा को सत्ता सौंपेगी।
सांसद के तेवर अब भी बरकरार
मुकदमा दर्ज होने और भारी विरोध के बावजूद सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे सच्चाई बोलने से नहीं डरते। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि भाजपा चाहे जितने मुकदमे दर्ज करा ले, वे जनता की आवाज उठाते रहेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
महोबा में बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दोनों पक्षों के बीच किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी मामले की वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।


