वाशिंगटन| पश्चिम एशिया से एक बेहद अहम और बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि गाजा में जारी विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक समझौता हो गया है। उनके 'बोर्ड ऑफ पीस' ने गाजा में हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के 'पूर्ण निशस्त्रीकरण' पर सहमति बना ली है। ट्रंप ने इसे मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम करार दिया है।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी शांति योजना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस समझौते की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह योजना एक साथ नहीं, बल्कि सुनियोजित चरणों में लागू की जाएगी। ट्रंप के मुताबिक, जैसे-जैसे गाजा में निशस्त्रीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, उसी अनुपात में इजरायली सेना पीछे हटती जाएगी। इसके पश्चात, एक 'इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स' (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल) वहां की कमान अपने हाथ में लेगी। यह बल नई फलस्तीनी पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर गाजा की सुरक्षा व्यवस्था को संभालेगा। इस पूरी प्रक्रिया को जमीन पर उतारने में लगभग 200 से 300 दिनों का समय लगने की संभावना है।
समझौते से जुड़ी पांच मुख्य बातें
हथियारों का समर्पण: हमास और अन्य सभी गुट अपने हथियार पूरी तरह समर्पित करेंगे और भूमिगत सुरंगों को नष्ट किया जाएगा।
इजरायली सेना की क्रमिक वापसी: निशस्त्रीकरण का काम पूरा होने के साथ ही इजरायली सेना गाजा क्षेत्र से पूरी तरह पीछे हट जाएगी।
नई सुरक्षा व्यवस्था: अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल (ISF) और नवगठित फलस्तीनी पुलिस गाजा की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे।
नई फलस्तीनी नागरिक सरकार: गाजा का प्रशासनिक संचालन एक नई सिविल सरकार द्वारा किया जाएगा, जो 'बोर्ड ऑफ पीस' के मार्गदर्शन में कार्य करेगी।
मध्यस्थ देशों की बड़ी भूमिका: मिस्र, कतर और तुर्की की सफल मध्यस्थता और लंबी कूटनीतिक बैठकों के बाद ही यह समझौता संभव हो सका है।
गाजा में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह समझौता उनकी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना का मुख्य हिस्सा है, जिसकी देखरेख 'बोर्ड ऑफ पीस' कर रहा है। इस समझौते के लागू होने से गाजा में हमास के शासन का अंत हो जाएगा और वहां एक नई फलस्तीनी सरकार सत्ता संभालेगी। गौरतलब है कि इससे पहले छह जुलाई को हमास ने गाजा में अपनी सरकार भंग करने की घोषणा की थी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते को मुमकिन बनाने के लिए मिस्र, कतर और तुर्की के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने काहिरा में हमास के प्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठकें की थीं। उन्होंने कहा कि एक साल पहले तक जहां भीषण मानवीय संकट और युद्ध के हालात थे, वहीं अब हमने ऐतिहासिक प्रगति कर ली है, हालांकि स्थायी शांति के लिए अभी और भी कई कदम उठाए जाने बाकी हैं।


