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    भारत में 5 अरब डॉलर निवेश करेगा UAE, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े समझौते

    अबू धाबी: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के पहले पड़ाव के तहत शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे, जहां उनका अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया गया। विमान से उतरते ही प्रधानमंत्री मोदी को हवाई अड्डे पर 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रोटोकॉल तोड़कर स्वयं अगवानी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच के बेहद प्रगाढ़ और विशेष कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाता है।

    आसमान में एफ-16 विमानों का सुरक्षा घेरा और भारत का सम्मान

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 से 20 मई तक चलने वाली इस पांच दिवसीय विदेश यात्रा की शुरुआत ही बेहद ऐतिहासिक रही। जैसे ही प्रधानमंत्री का विशेष विमान संयुक्त अरब अमीरात के हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) में दाखिल हुआ, वैसे ही सम्मान और सुरक्षा के तौर पर यूएई वायुसेना के अत्याधुनिक एफ-16 (F-16) लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को चारों तरफ से एस्कॉर्ट किया। यूएई के राष्ट्रपति के साथ हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने इस असाधारण स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा कि आज आपके वायुसेना के जेट विमानों ने मुझे जो सुरक्षा प्रदान की है, वह वास्तव में भारत की 140 करोड़ जनता के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है।

    'मैं अपने दूसरे घर आया हूं'— द्विपक्षीय वार्ता में भावुक हुए पीएम मोदी

    हाई-लेवल मीटिंग के दौरान दोनों वैश्विक नेताओं के बीच की गहरी दोस्ती साफ नजर आई। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति अल नाहयान से कहा कि भले ही वे फोन पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए बेहद उत्सुक थे। यूएई के राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए 'अपने दूसरे घर में आने' की बात कहने पर पीएम मोदी भावुक दिखे और उन्होंने कहा कि यह भावना मेरे जीवन में बहुत बड़ा महत्व रखती है। इस आत्मीय बातचीत के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी में भारत और यूएई के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया।

    रक्षा, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक समझौते

    इस महा-शिखर वार्ता का सबसे बड़ा और सकारात्मक परिणाम दोनों देशों के बीच हुए आर्थिक व रणनीतिक समझौतों के रूप में सामने आया है। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने, गैस सप्लाई की निरंतरता बनाए रखने और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास से जुड़े कई अहम करारों पर अंतिम सहमति बनी है। इन समझौतों से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई मिलेगी और वैश्विक बाजार में दोनों देशों की स्थिति मजबूत होगी।

    यूएई भारत में करेगा 5 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश

    इस आधिकारिक दौरे की सबसे बड़ी आर्थिक कामयाबी यह रही कि संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के विभिन्न विकासशील क्षेत्रों में 5 अरब डॉलर (लगभग 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक) के भारी-भरकम निवेश का आधिकारिक एलान किया है। यह विशाल निवेश मुख्य रूप से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा और यूएई के इस बड़े वित्तीय कदम से भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी युगों-युगों के लिए और अधिक मजबूत हो जाएगी।

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