भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के एमपी नगर क्षेत्र में स्थित बीएसएनएल भवन में संचालित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में उस समय सनसनी फैल गई, जब वहां तैनात एक सफाई कर्मी ने अपने पिता और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर दफ्तर के भीतर घुसकर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। सामान्य बात से शुरू हुई यह अनबन अगले ही दिन उग्र और हिंसक टकराव में बदल गई, जिससे केंद्रीय एजेंसी के इस उच्च सुरक्षा वाले दफ्तर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नीतेश धौलपुरे इस ईडी दफ्तर में साफ-सफाई का काम करता था। वह कुछ दिनों के अवकाश के बाद जब वापस काम पर आया, तो वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे दफ्तर की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने तथा बिना बताए गायब न रहने की नसीहत दी। अधिकारियों की यह प्रशासनिक हिदायत कर्मचारी को इतनी नागवार गुजरी कि वह तुरंत उनसे बहस करने लगा। वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उस समय मामला शांत कराया, लेकिन आरोपी के मन में गुस्सा भरा रहा।
अगले ही दिन दफ्तर में बोला धावा
यह आरोप है कि इस घटना के अगले ही दिन यानी दो जून को नीतेश धौलपुरे पूरी योजना के साथ अपने पिता मुकेश धौलपुरे और कुछ अन्य बाहरी लड़कों को साथ लेकर सीधे केंद्रीय जांच एजेंसी के दफ्तर के भीतर घुस गया। वहां दाखिल होते ही इन लोगों ने मौजूद अधिकारियों और स्टाफ के साथ बेहद अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और सरकारी दफ्तर में रखे कीमती सामान, कंप्यूटर और अन्य दस्तावेजों के साथ तोड़फोड़ करने लगे। इस औचक हमले और हंगामे से दफ्तर के कर्मचारी पूरी तरह सहम गए और पूरे परिसर में डर का माहौल बन गया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले।
घटना के आठ दिन बाद पुलिस में शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम के आठ दिनों बाद ईडी के कर्मचारी दिलीप आर्य ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्राप्त तहरीर के आधार पर एमपी नगर थाना पुलिस ने 10 और 11 जून की दरमियानी रात मुख्य आरोपी नीतेश धौलपुरे, उसके पिता मुकेश धौलपुरे सहित उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, तोड़फोड़ करने और अभद्रता करने जैसी विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फरार आरोपियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस
हाई-प्रोफाइल केंद्रीय जांच एजेंसी के दफ्तर में हुई इस घुसपैठ और तोड़फोड़ की वारदात को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। एमपी नगर थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस की विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। पुलिस बल आरोपियों के संभावित ठिकानों और उनके घरों पर लगातार दबिश दे रहा है। इसके साथ ही दफ्तर और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना में शामिल अन्य अज्ञात बाहरी लड़कों की पहचान सुनिश्चित कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


