मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिला अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ प्रसूति वार्ड के भीतर पलंग पर बैठने को लेकर दो महिला मरीजों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों महिलाओं के बीच लगभग आधे घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल का स्टाफ और सुरक्षा गार्ड इस हंगामे को मूकदर्शक बनकर देखते रहे।
पलंग पर बैठने को लेकर आपस में भिड़ीं दो महिलाएं
यह पूरी घटना मुरैना के सरकारी जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड की है, जो बुधवार रात की बताई जा रही है। वार्ड के अंदर एक पलंग पर बैठने की मामूली बात को लेकर दो महिलाओं के बीच विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों महिलाओं का गुस्सा बेकाबू हो गया और वे आपस में उलझ गईं।
आधे घंटे तक चलता रहा लात-घूंसों का खेल
दोनों महिलाओं के बीच हुआ यह विवाद कुछ ही पलों में मारपीट में बदल गया। दोनों ने एक-दूसरे के बाल पकड़कर खींचने शुरू कर दिए और वार्ड के अंदर ही जमकर लात-घूंसे चले। करीब आधे घंटे तक यह तमाशा बिना रुके चलता रहा और जब दोनों महिलाएं मारपीट करते-करते खुद ही थक गईं, तब जाकर उनका हंगामा शांत हुआ। इस घटना के दौरान वार्ड में मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन बुरी तरह सहम गए।
अस्पताल स्टाफ और गार्ड्स की बड़ी लापरवाही आई सामने
इस गंभीर घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े अस्पताल में चौबीस घंटे सुरक्षा गार्ड और नर्सिंग स्टाफ तैनात रहता है, इसके बावजूद आधे घंटे तक चले इस लंबे हंगामे को रोकने के लिए कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं आया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो जब गुरुवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर अस्पताल प्रशासन की नींद खुली।
सिविल सर्जन ने दी सफाई और गार्ड्स को दी चेतावनी
इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र तोमर ने इसे दोनों महिलाओं का आपसी विवाद बताया और कहा कि इससे अस्पताल का कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि वार्ड के भीतर इस प्रकार का माहौल बनना गलत था, जिससे अन्य मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस लापरवाही को देखते हुए उन्होंने वार्ड में तैनात गार्ड्स को कड़ी हिदायत दी है कि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस कार्रवाई की जाए।


