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    नाना पटोले के कोरोना वैक्सीन वाले दावे पर घमासान, वैज्ञानिक अध्ययन में नहीं मिला सीधा संबंध

    गोंदिया| कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक नाना पटोले ने कोरोना रोधी टीकों को लेकर एक बड़ा दावा किया है। गोंदिया ज़िले के आमगांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पटोले ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के बाद से लोगों में गंभीर बीमारियों और हृदयघात के मामलों में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने महामारी के दौरान चलाए गए देशव्यापी टीकाकरण अभियान और तत्कालीन नीतियों पर भी सवाल उठाए। हालांकि, उन्होंने अपने इन दावों के समर्थन में कोई प्रामाणिक या वैज्ञानिक आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए।

    स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर का रुख: वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित

    वैक्सीन और अचानक होने वाली मौतों के बीच किसी भी प्रकार के संबंध को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) पहले ही सिरे से खारिज कर चुके हैं। नई दिल्ली स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा किए गए गहन अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि भारत में प्रयुक्त कोविड-19 टीके पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हैं। गंभीर दुष्परिणामों के मामले नगण्य पाए गए हैं।

    युवाओं की आकस्मिक मौतों पर हुई व्यापक रिसर्च

    आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE) द्वारा 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों पर किए गए विशेष अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला कि टीकाकरण और अचानक होने वाली मौतों में कोई सीधा संबंध नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक हृदय रुकने या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के पीछे मुख्य रूप से जीवनशैली, आनुवंशिक (जेनेटिक) कारण, पहले से मौजूद बीमारियां और कोविड-19 संक्रमण के बाद की जटिलताएं जिम्मेदार हो सकती हैं।

    एम्स का चल रहा अध्ययन: हार्ट अटैक मुख्य वजह, अंतिम परिणाम आना बाकी

    एम्स (नई दिल्ली) द्वारा आईसीएमआर के सहयोग से युवाओं में होने वाली अचानक मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत रिसर्च की जा रही है। शुरुआती विश्लेषण में मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) और आनुवंशिक बदलाव मुख्य कारणों के रूप में सामने आए हैं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि टीकाकरण ने महामारी के दौर में संक्रमण की गंभीरता और मृत्यु दर को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी, इसलिए बिना वैज्ञानिक साक्ष्य के इसे बीमारियों से जोड़ना उचित नहीं है।

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