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    Homeदुनियादूसरे दिन भी ईरान पर अमेरिकी हमले, मध्य पूर्व में हालात गंभीर

    दूसरे दिन भी ईरान पर अमेरिकी हमले, मध्य पूर्व में हालात गंभीर

    वॉशिंगटन: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक और मर्चेंट जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लगातार दूसरे दिन भीषण बमबारी की है। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ किया है कि अगर तेहरान ने अपनी आक्रामक हरकतें तुरंत बंद नहीं कीं, तो उसे इसके बेहद गंभीर और विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे।

    ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप की खुली चेतावनी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट साझा करते हुए इस बात की पुष्टि की कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में मालवाहक जहाजों पर किए गए हमलों का करारा प्रतिशोध है। उन्होंने अपने संदेश में कड़े शब्दों में लिखा, "यह ईरान द्वारा कल जहाजों पर की गई बमबारी का सीधा जवाब है। अगर ऐसी हिमाकत दोबारा की गई, तो अंजाम इससे भी कहीं ज्यादा बुरा होगा।" ट्रंप का यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए दौर के हवाई हमले शुरू करने के तुरंत बाद आया।

    यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा- तेहरान की आक्रामकता का करारा जवाब

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर जारी एक बयान में इन हमलों की पूरी जानकारी दी। कमांड ने बताया कि कमांडर इन चीफ (राष्ट्रपति) के सीधे आदेश पर अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही को बाधित करने वाली ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए यह अतिरिक्त हमले किए हैं। सेंट्रल कमांड ने जोर देकर कहा कि एक महत्वपूर्ण वैश्विक जलमार्ग में निर्दोष नागरिकों और जहाजों को निशाना बनाने के लिए सीधे तौर पर ईरान ही पूरी तरह जिम्मेदार है।

    बंदर अब्बास और सिरीक में गूंजे भीषण धमाके

    यह सैन्य कार्रवाई ओमान के तट के पास कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद शुरू हुई है। बुधवार को शुरू हुई इस बमबारी के बाद गुरुवार को भी अमेरिकी युद्धक विमानों और मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक सैन्य अड्डों और बंदरगाहों को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी देश के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भारी गोलाबारी और विस्फोटों की पुष्टि की है। खबरों के अनुसार, बेहद महत्वपूर्ण चोकपॉइंट माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर स्थित प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और सिरीक में लगातार दूसरे दिन आसमान दहला देने वाले धमाके सुने गए।

    बुनियादी ढांचे को नेस्तनाबूद करने की धमकी

    इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के आक्रामक रुख को स्पष्ट किया था। उन्होंने संकेत दिए थे कि अमेरिकी सेना दोबारा बड़ा हमला करने की तैयारी में है। हालांकि, उन्होंने यह उम्मीद जताई कि यह तनाव किसी लंबे युद्ध में नहीं बदलेगा और जो भी कार्रवाई होगी वह बेहद तेज और सटीक होगी। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान की आर्थिक और रणनीतिक कमर तोड़ने के लिए उसके बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट), पानी साफ करने वाले डिसेलिनेशन प्लांटों को उड़ाने और ईरान के सबसे प्रमुख तेल-उत्पादन केंद्र खार्ग द्वीप को अपने नियंत्रण में लेने की सीधी धमकी भी दी है।

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