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    HSRP नंबर प्लेट बिना वाहन नहीं चलेगा, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

    मुंबई: महाराष्ट्र में वाहनों की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत पुराने वाहनों पर नई नंबर प्लेट लगाने की अंतिम तिथि में बदलाव किया गया है।

    वाहन सुरक्षा के लिए समय सीमा में किया गया विस्तार

    राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत किए गए सभी पुराने वाहनों पर अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य होगा। पूर्व में इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का समय दिया गया था, लेकिन वाहन स्वामियों को होने वाली व्यावहारिक समस्याओं और कार्य की वर्तमान गति की समीक्षा करने के बाद सरकार ने राहत देते हुए इस समय सीमा को अब 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। प्रशासन का मानना है कि इस अतिरिक्त समय से आम जनता को बिना किसी अफरा-तफरी के अपनी नंबर प्लेट बदलने की सुविधा मिल सकेगी।

    आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने की कवायद

    परिवहन विभाग के अनुसार एचएसआरपी प्लेट न केवल वाहनों की पहचान को सुरक्षित बनाती है, बल्कि यह वाहन चोरी और फर्जी नंबर प्लेटों के जरिए होने वाली आपराधिक वारदातों को रोकने में भी एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए राज्य सरकार इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने की तैयारी में है ताकि सड़कों पर चलने वाला हर वाहन प्रमाणित और सुरक्षित पहचान के साथ हो। परिवहन मंत्री ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के इस आधुनिक तंत्र को अपनाकर सरकार के प्रयासों में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

    आधिकारिक पोर्टल के जरिए पंजीकरण की अनिवार्य प्रक्रिया

    नई नंबर प्लेट लगवाने के इच्छुक नागरिकों को परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी सुविधानुसार अपॉइंटमेंट बुक करना होगा, जिसके बाद ही संबंधित केंद्रों पर प्लेट लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 से राज्य भर में एक व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा और जिन वाहनों पर निर्धारित समय तक एचएसआरपी नहीं पाई जाएगी, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे उल्लंघनकर्ताओं पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है, इसलिए समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य है।

    अनधिकृत एजेंटों से सावधानी बरतने की सलाह

    विभाग ने जनता को सचेत करते हुए कहा है कि एचएसआरपी के पंजीकरण के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें और किसी भी बाहरी बिचौलिए या अनाधिकृत एजेंट के झांसे में आने से बचें। धोखाधड़ी से बचने के लिए सीधे पोर्टल पर जाकर शुल्क का भुगतान करना और रसीद प्राप्त करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। परिवहन मंत्री ने दोहराया कि यह कदम पूरी तरह से वाहन मालिकों के हितों और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है, ताकि भविष्य में वाहन संबंधी दस्तावेजों और पहचान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

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