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    भोजशाला केस में हिंदू पक्ष की ओर से पैरवी करेंगे विष्णु शंकर जैन

    नई दिल्ली/धार: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील धार भोजशाला विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट आज (मंगलवार) एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई करने जा रहा है। इंदौर हाईकोर्ट द्वारा भोजशाला को हिंदू मंदिर घोषित किए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर अदालत आज एक साथ विचार करेगी। इन सभी याचिकाओं में 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के पदाधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है, जो हाईकोर्ट में मूल याचिकाकर्ता थे।

    मुस्लिम पक्ष की ओर से तीन एसएलपी (SLP) दायर

    इंदौर हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में भोजशाला को पूरी तरह से हिंदू मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को साल के 365 दिन वहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने का अधिकार सौंप दिया था। हाईकोर्ट के इसी निर्णय को मुस्लिम पक्ष ने पूरी तरह से चुनौती दी है। फैसले के तुरंत बाद मुस्लिम समाज ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) के जरिए देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में सबसे पहले शहर काजी, उसके बाद कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी और अंत में वक्फ बोर्ड की तरफ से जिब्रान अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी-अपनी याचिकाएं दाखिल की हैं।

    हिंदू पक्ष ने पहले ही दाखिल कर रखी है कैविएट

    दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट में होने वाली इस बड़ी कानूनी लड़ाई को लेकर हिंदू पक्ष ने भी अपनी कमर पूरी तरह कस ली है। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट (Caveat) याचिका दायर कर दी थी। कैविएट दायर करने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुप्रीम कोर्ट हिंदू पक्ष की दलीलों और तर्कों को सुने बिना मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर कोई भी एकतरफा स्थगन आदेश (स्टे) जारी न कर सके।

    सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करेंगे विख्यात वकील विष्णु शंकर जैन

    शीर्ष अदालत में अपनी दावेदारी को मजबूती से पेश करने के लिए हिंदू पक्ष ने देश के नामचीन वकीलों की टीम को उतारा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकील विष्णु शंकर जैन हिंदू पक्ष की ओर से मुख्य पैरवी करेंगे। मामले से जुड़े पदाधिकारी आशीष गोयल ने दृढ़ता व्यक्त करते हुए कहा कि वे अदालत के सामने ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने दोहराया कि धार की भोजशाला अनादि काल से ही वाग्देवी मां सरस्वती का पवित्र मंदिर रही है और वे इस सत्य को अदालत में पूरी मजबूती से साबित करेंगे।

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