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    मौसम का यू-टर्न: 1 जून तक एक्टिव रहेगा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, कई जिलों में आंधी-ओले का अलर्ट

    जयपुर | राजस्थान में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना बन रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों सहित कई अन्य क्षेत्रों के लिए तेज आंधी, गर्जना और ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय हुआ है, जिसका असर 1 जून तक देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से राज्य के कई इलाकों में मौसम में बड़ा बदलाव आ सकता है।

    आंधी-बारिश का अलर्ट और तापमान में गिरावट

    मौसम विभाग ने आज राज्य के 12 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होने और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई है। आने वाले तीन दिनों तक राज्य में धूल भरी आंधी और छिटपुट वर्षा का यह दौर जारी रहने का अनुमान है। इस मौसमी बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे पिछले कई दिनों से चल रही झुलसाने वाली लू (Heat Wave) का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

    जयपुर में सीजन का सबसे गर्म दिन और श्रीगंगानगर में रिकॉर्ड तोड़ पारा

    भले ही अब राहत की उम्मीद है, लेकिन गुरुवार को पूरा प्रदेश भीषण तपन की चपेट में रहा। राजधानी जयपुर में इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहाँ पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि कल जयपुर में बाड़मेर और जोधपुर से भी अधिक गर्मी महसूस की गई। वहीं, 47.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ श्रीगंगानगर पूरे राज्य में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू, जैसलमेर, फलोदी, कोटा, बीकानेर और अलवर में भी दोपहर तक तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा और झुलसाने वाली हवाएं चलती रहीं। हालांकि, दोपहर बाद हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, अलवर और चूरू के कुछ हिस्सों में अचानक धूल भरी आंधी चली और ओले गिरे।

    पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी नौतपा की तपिश से राहत

    मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि इस सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी दिनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बादलों का डेरा रहेगा, तेज हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी। इस बदलाव से नौतपा के दौरान आसमान से बरस रही आग से जनता को बड़ी राहत मिलने के आसार हैं, हालांकि पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में गर्मी का कुछ असर अभी भी बरकरार रह सकता है। गौरतलब है कि इस बार नौतपा ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जयपुर में पूरे 9 साल बाद नौतपा के दौरान तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचा है। बहरहाल, अब प्रकृति के बदले रुख से आने वाले दिनों में सुकून मिलने की उम्मीद है।

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