साल 2007 में आई आमिर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘तारे जमीन पर’ आज भी सिनेमाप्रेमियों के दिलों में एक खास मुकाम रखती है। इस फिल्म में जहाँ दर्शील सफारी ने 'ईशान अवस्थी' के मुख्य किरदार से सबका दिल जीता था, वहीं उनके बड़े भाई 'योहान अवस्थी' का रोल भी लोगों को बखूबी याद है—एक ऐसा आदर्श बच्चा जो पढ़ाई और खेलकूद हर चीज में हमेशा अव्वल आता था। दिलचस्प बात यह है कि इस किरदार को निभाने वाले बाल कलाकार सचेत सेठ की असल जिंदगी भी रील लाइफ की तरह ही बेहद प्रतिभाशाली और शानदार निकली है।
चकाचौंध से दूर शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया बड़ा मुकाम
फिल्म की अभूतपूर्व सफलता के बाद सचेत सेठ (जिन्हें प्रोफेशनल जगत में सचेत इंजीनियर के नाम से भी जाना जाता है) ने मायानगरी मुंबई की चकाचौंध और एक्टिंग करियर से दूरी बना ली। उन्होंने अपना पूरा ध्यान उच्च शिक्षा पर केंद्रित किया और चिकित्सा क्षेत्र को अपना करियर चुना। सचेत ने डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी से डेंटिस्ट्री (दंत चिकित्सा) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई में उनके असाधारण प्रदर्शन के चलते उन्हें पीरियोडॉन्टोलॉजी विभाग में 'गोल्ड मेडल' से भी नवाजा गया। वर्तमान में वे यूनाइटेड किंगडम (यूके) में एक सफल और प्रतिष्ठित डेंटिस्ट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ग्लैमर से बनाई दूरी, पर शौक हैं सबसे जुदा
सचेत सोशल मीडिया के ग्लैमर से काफी दूर रहना पसंद करते हैं; उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी प्राइवेट है, हालांकि वे अपने प्रोफेशनल नेटवर्क लिंक्डइन पर सक्रिय रहते हैं। चिकित्सा क्षेत्र के अलावा उन्हें आसमान की ऊंचाइयों को छूने का भी गहरा शौक है। वे एक प्रशिक्षित पायलट की तरह हवाई जहाज उड़ाने का हुनर भी रखते हैं। उन्होंने अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि कॉकपिट में बैठकर आसमान से देखने पर धरती और नीचे की तमाम परेशानियां बेहद छोटी नजर आने लगती हैं।
आमिर खान और शूटिंग के दिनों को किया याद
एक पुरानी बातचीत के दौरान सचेत ने फिल्म के सेट की यादों को ताजा करते हुए बताया था कि शूटिंग के वक्त वे और दर्शील बहुत छोटे बच्चे थे। कैमरे के पीछे दोनों जमकर शरारतें और मस्ती किया करते थे। उन्होंने बताया कि सुपरस्टार आमिर खान बच्चों के साथ बेहद सहज रहते थे। वे खुद आगे आकर बच्चों को हर सीन की बारीकियां और भावनाएं समझाते थे, ताकि कैमरे के सामने उनका अभिनय बिल्कुल स्वाभाविक और सजीव नजर आ सके।
सिनेमा इतिहास की एक कालजयी कृति
‘तारे जमीन पर’ भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में से एक है, जिसने बच्चों की मानसिक स्थिति और माता-पिता के दृष्टिकोण को लेकर समाज में एक बड़ी बहस छेड़ी थी। यह कहानी 'डिस्लेक्सिया' से पीड़ित एक बच्चे और उसकी आंतरिक प्रतिभा को पहचानने वाले एक संवेदनशील कला शिक्षक के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। इस फिल्म को आज भी आमिर खान के पूरे करियर के सबसे बेहतरीन और मार्गदर्शक प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है।


