More
    Homeदेशक्या है एस्मा कानून? जानिए कब और क्यों लागू करती हैं सरकारें

    क्या है एस्मा कानून? जानिए कब और क्यों लागू करती हैं सरकारें

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखकर भारत सरकार ने अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत आपातकालीन शक्तियां लागू कर दी हैं। अब लोगों के मन में ये सवाल उठा रहा हैं कि आखिरकार ये एस्मा क्या है। 

    एस्मा क्या है और क्यों लगाया गया?
    एस्मा का मतलब है, जब सरकारों को लगता है कि किसी अनिवार्य सेवा (जैसे बिजली, पानी, या गैस) की कमी से आम जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है, तब वहां एस्मा लगाती है। इसके लागू होने के बाद तेल और गैस सेक्टर के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी काम करने से मना करता है, तब पुलिस उस अधकारी और कर्मचारी को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है और जेल या जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। यदि आपूर्ति बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त समय काम करने को कहा जाता है, तब वे मना नहीं कर सकते।एस्मा का पूरा नाम अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून है। यह भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा बनाया गया एक ऐसा कानून है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब सरकार को लगता है कि किसी जरूरी सेवा के रुकने से आम जनता का जीवन संकट में पड़ सकता है।

    एस्मा की मुख्य बातें:
    दरअसल एस्मा लागू होने के बाद, उस विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। उन्हें काम करना ही होगा। यदि कर्मचारी पहले से हड़ताल पर हैं, तब एस्मा लगते ही उन्हें काम पर लौटना पड़ता है। ऐसा न करने पर उनकी हड़ताल को अवैध माना जाता है। इस कानून का उल्लंघन करने वाले या हड़ताल के लिए उकसाने वाले लोगों को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है। इसमें एक साल तक की जेल या जुर्माना (या दोनों) का प्रावधान है। सरकार कर्मचारियों को अतिरिक्त समय (ओवरटाइम) काम करने के लिए मजबूर कर सकती है और कर्मचारी इसके लिए मना नहीं कर सकते।

    एस्मा किन सेवाओं पर लगाया जा सकता है?
    दरअसल सरकार आमतौर पर उन सेवाओं पर एस्मा लगाती है जो जनता के लिए लाइफलाइन होती हैं, जैसे: स्वास्थ्य सेवाएं (अस्पताल और डॉक्टर) परिवहन सेवाएं (रेलवे, बस, हवाई सेवा) बिजली और पानी की आपूर्ति, बैंकिंग और डाक सेवाएं, गैस और तेल की आपूर्ति (जैसा कि अभी युद्ध के हालातों में किया गया है)भारत सरकार या राज्य सरकारें एस्मा को तब लागू करती हैं जब देश या किसी राज्य में ऐसी स्थितियाँ पैदा हो जाएं कि जनजीवन के लिए अनिवार्य सेवाओं (जैसे बिजली, पानी, स्वास्थ्य, या परिवहन) के ठप होने का खतरा हो। मुख्य रूप से तब लगाया जाता है जब इन सेवाओं के कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं या काम करने से मना कर देते हैं, जिससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, युद्ध, प्राकृतिक आपदा या वैश्विक संकट (जैसे वर्तमान में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध और उससे उपजा गैस संकट) के समय भी सरकार इस लागू करती है ताकि जरूरी चीजों की सप्लाई चेन न टूटे और जमाखोरी या कृत्रिम कमी को रोका जा सके।एस्मा लागू करने का सबसे बड़ा क्यों यह है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामूहिक सुरक्षा और जनहित को व्यक्तिगत या कर्मचारी हितों से ऊपर रखा जाता है। सरकार इस कानून के जरिए यह सुनिश्चित करती है कि अस्पताल में इलाज, घरों में रसोई गैस की सप्लाई और सड़कों पर परिवहन जैसी मूलभूत जरूरतें किसी भी विरोध या विवाद के कारण रुकने न पाएं। चूँकि एस्मा लागू होने के बाद हड़ताल करना गैर-कानूनी हो जाता है और पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तारी के अधिकार मिल जाते हैं, इसलिए यह कानून एक सख्त निवारक के रूप में कार्य करता है, जो संकट के समय राष्ट्र की कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए अनिवार्य हो जाता है। 

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here