पटना। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी बीस नवंबर को प्रस्तावित बिहार दौरे को लेकर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान प्रधानमंत्री बिहार की जनता को करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की भारी सौगात देने वाले हैं, जिसमें सड़क, बिजली, परिवहन और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी कई अत्याधुनिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल है। भागलपुर सहित आसपास के तमाम जिलों के लिए भी इस दौरे में कई बड़ी घोषणाएं होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, हालांकि कार्यक्रमों की अंतिम सूची अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं की गई है।
विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और पीरपैंती थर्मल पावर पर नजरें
प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रमों में गंगा नदी पर बने नवनिर्मित कच्ची दरगाह से बिदुपुर तक के छह लेन पुल का भव्य उद्घाटन शामिल होने की उम्मीद है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में बाईपास सड़कों की आधारशिला रखने, पूरी हो चुकी सड़क परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने तथा इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन व चार्जिंग स्टेशनों से जुड़ी योजनाओं का शुभारंभ भी प्रस्तावित है। भागलपुर जिले की बहुप्रतीक्षित पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना के शिलान्यास को लेकर भी क्षेत्र में खासी चर्चा है, जिससे यहाँ बिजली उत्पादन की बुनियादी संरचना को अभूतपूर्व मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।
प्रशासनिक समीक्षा बैठक और भाजपा का विशेष जन-अभियान
प्रधानमंत्री के इस संभावित दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे हैं, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों की रूपरेखा पर गहन मंथन किया जा रहा है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री के दौरे से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने राज्यभर में पंद्रह दिनों का एक विशेष अभियान शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। आगामी बाईस अक्टूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले इस अभियान को 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' का नाम दिया गया है, जिसके तहत पार्टी विपक्ष के अभियानों का मुकाबला करने के लिए जिला स्तर पर प्रेस वार्ता, पदयात्रा और युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।


