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    Homeधर्म-समाजशादी में गठबंधन के लिए गुलाबी रंग का ही क्यों होता है...

    शादी में गठबंधन के लिए गुलाबी रंग का ही क्यों होता है कपड़ा? जानें इस परंपरा के पीछे छुपा गहरा राज

    भारतीय विवाह परंपराओं में हर रस्म का अपना विशेष महत्व होता है और इन्हीं में से एक अहम रस्म है गठबंधन. यह वह समय होता है जब दूल्हा और दुल्हन को एक सूत्र में बांधा जाता है, जो उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. विवाह सिर्फ रस्म नहीं, जिम्मेदारियों का साझा वचन है. गठबंधन तभी मजबूत होता है, जब सम्मान, विश्वास और संवाद का धागा रोज नया बांधा जाए. लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर गठबंधन का कपड़ा गुलाबी रंग का ही क्यों होता है और दूल्हा-दुल्हन के लिए यह रस्म आखिर क्यों जरूरी होती है. साथ ही यह गठबंधन कौन करता है, आइए जानते हैं…

    लड़के की बहन करती है गठबंधन
    आचार्य पंडित अनुपम महाराज पुराहित के अनुसार, शादी के दौरान यह रस्म फेरों से पहले निभाई जाती है, जिसमें दुल्हन के दुपट्टे को दूल्हे के वस्त्र से बांधा जाता है. यह गठबंधन लड़के की बहन द्वारा किया जाता है और दो गांठें ही बांधी जाती है. यह दो गांठे दो मूलों का प्रतीक मानी जाती हैं, जिसमें पहला है असीमित प्रेम और दूसरा अखंड़ विश्वास. साथ ही यह गठबंधन शुक्र और मंगल ग्रह का प्रतीक मानी जाती हैं.

    गठबंधन में रखी जाती हैं ये पांच चीजें
    वधू के पल्लू और वर के दुपट्टे के बीच सिक्का, फूल, हल्दी, दूर्वा और चावल ये पांच चीजें भी बांधते हैं, जिनका अपना-अपना महत्व है. शादी के दौरान जब गठबंधन किया जाता है, तब उसके लिए गुलाबी, पीला या लाल रंग का दुपट्टा ही चुना जाता है और सफेद व काले रंग को वर्जित माना जाता है.

    गठबंधन का कपड़ा गुलाबी रंग
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुलाबी रंग प्रेम, स्नेह और सौम्यता का प्रतीक होता है. विवाह जैसे पवित्र बंधन में यह रंग दूल्हा-दुल्हन के रिश्ते में मधुरता और संतुलन बनाए रखने का संकेत देता है. वहीं लाल रंग ऊर्जा, समर्पण और शुभता का प्रतीक है, इसलिए कई जगहों पर गुलाबी और लाल दोनों रंगों का उपयोग किया जाता है. गठबंधन की रस्म में दुल्हन के दुपट्टे को दूल्हे के साफा या अंगवस्त्र से बांधा जाता है. यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि दो आत्माओं के एक होने का प्रतीक माना जाता है. पंडित मंत्रोच्चारण के बीच इस बंधन को स्थापित करते हैं, जो यह दर्शाता है कि अब दोनों जीवनभर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाएंगे.

    क्यों महत्वपूर्ण है गुलाबी रंग?
    पंडितजी के अनुसार, नवविवाहित दंपति का कमरा भी गुलाबी रंग का ही होना चाहिए क्योंकि यह रंग खुशियां, सकारात्मक ऊर्जा, प्रेम प्रसंग और वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा माना जाता है. यह रंग तनाव को कम करने और रिश्तों में सौहार्द बढ़ाने में सहायक माना जाता है. ऐसे में विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इसका उपयोग दंपति के लिए शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है. तिहास और परंपराओं की बात करें तो भारतीय संस्कृति में रंगों का विशेष महत्व रहा है. हर रंग का एक अलग अर्थ और प्रभाव माना जाता है. गुलाबी रंग को खासतौर पर नए रिश्तों की शुरुआत और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे गठबंधन जैसी महत्वपूर्ण रस्म में प्राथमिकता दी जाती है.

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