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    आज शेयर बाजार में ट्रेडिंग क्यों नहीं?: देश में कल रंगों का त्योहार, तो जानें किस वजह से नहीं हो रहा कारोबार

    हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार 2 मार्च को आई तेज गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार 3 मार्च को ट्रेडिंग नहीं होगी। होली के अवसर पर देश के दोनों प्रमुख एक्सचेंज बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। वार्षिक अवकाश कैलेंडर के अनुसार इस दिन इक्विटी, डेरिवेटिव और अन्य सेगमेंट में कोई कारोबार नहीं होगा।कमोडिटी बाजार में हालांकि आंशिक गतिविधि रहेगी। एमसीक्स में सुबह का सत्र बंद रहेगा, लेकिन शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक ट्रेडिंग दोबारा शुरू होगी।

    2 मार्च को बाजार में बड़ी गिरावट

    सप्ताह की शुरुआत निवेशकों के लिए झटके भरी रही। वैश्विक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते बाजार पर दबाव बना। दिनभर बिकवाली का माहौल रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,048 अंक यानी 1.29 प्रतिशत गिरकर 80,238.85 पर बंद हुआ। हालांकि अंतिम घंटे में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ ही बंद हुआ।विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है। इससे महंगाई, चालू खाते के घाटे और कॉरपोरेट मार्जिन को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं, जो शेयर बाजार में अस्थिरता को जन्म देती हैं।

    मार्च में कितने ट्रेडिंग हॉलिडे?

    मार्च महीने में कुल तीन प्रमुख ट्रेडिंग अवकाश रहेंगे।

    3 मार्च – होली
    26 मार्च – श्री राम नवमी
    31 मार्च – महावीर जयंती
    इनके अलावा सामान्य शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहेगा।

    पूरे साल में कितने ट्रेडिंग हॉलिडे?

    साल 2026 में कुल 16 ट्रेडिंग हॉलिडे तय किए गए हैं। जनवरी में दो छुट्टियां पहले ही हो चुकी हैं। अप्रैल और मई में दो-दो अवकाश रहेंगे, जून में एक छुट्टी होगी। जुलाई और अगस्त में कोई ट्रेडिंग हॉलिडे निर्धारित नहीं है। सितंबर और दिसंबर में एक-एक दिन बाजार बंद रहेगा, जबकि अक्टूबर और नवंबर में भी निर्धारित अवकाश रहेंगे।

    वैश्विक कारकों पर टिकी नजर

    इस समय घरेलू बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर है। अमेरिका-ईरान तनाव और मध्य पूर्व में संघर्ष की स्थिति से ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की रणनीति आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की चाल तय करेगी। 

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