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    Homeराजनीति क्या नीतीश कुमार बनेंगे उपराष्ट्रपति? बिहार में अटकलों का बाजार हुआ गर्म

     क्या नीतीश कुमार बनेंगे उपराष्ट्रपति? बिहार में अटकलों का बाजार हुआ गर्म

    पटना। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद बिहार में भी सियासत गर्मा गई है। अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की जगह लेने जा रहे हैं? दरअसल, इस प्रकरण को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव के ट्वीट ने बिहार की सियासत में सरगर्मी बढ़ा दी है। तेजस्वी यादव के ट्वीट के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उपराष्ट्रपति बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है। इस बीच भाजपा की ओर से भी नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग उठाई गई है। यह मांग भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने की है। बचौल ने कहा कि अगर नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाया जाता है तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। यह बिहार के लिए गौरव की बात होगी। हालांकि, इस मामले में जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि कौन होगा उपराष्ट्रपति यह एनडीए की बैठक में तय होगा। वैसे हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की काबिलियत पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। केन्द्र में मंत्री पद से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री पद तक उनकी काबिलियत पर किसी ने सवाल नहीं उठाया है। लेकिन यह बैठक में तय होना है कि किसे उपराष्ट्रपति बनाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर ऐसा नहीं लगता है कि भाजपा आलाकमान किसी सहयोगी दल के नेता को यह कुर्सी सौंप सकता है। क्योंकि 2014 के बाद से अभी तक भाजपा ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद पर कोई समझौता नहीं किया है। उधर, तेजस्वी यादव के नाम से सोशल मीडिया में जो पोस्ट वायरल हो रहा है उसमें लिखा है कि क्या उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और चुनाव आयोग द्वारा बिहार में चल रही एसआईआर प्रक्रिया से बहस को टालने का प्रयास है? क्या भाजपा अगले उपराष्ट्रपति के रूप में नीतीश कुमार को आगे करने जा रही है? हालांकि, तेजस्वी यादव के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसा कोई ट्वीट नहीं है, लेकिन उन्हीं के नाम से एक पैरोडी अकाउंट है जो तेजस्वी यादव के नाम से शेयर हो रहा है। इसी पोस्ट ने न केवल नीतीश कुमार के उपराष्ट्रपति बनने की अटकलों को हवा दी, बल्कि बिहार की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी। बहरहाल भाजपा अगर नीतीश कुमार पर दाव चलती है तो पिछड़ा और अति पिछड़ा वोट पूरी तरह एनडीए की ओर गोलबंद हो जा सकता है।

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