लातूर। दिवंगत केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल चाकूरकर के बेटे शैलेश पाटिल चाकूरकर की एक नई तस्वीर ने राजनीतिक गलियारों में अचानक हलचल पैदा कर दी है। यह तस्वीर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मंगलवार को उनके आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से शेयर की गई थी। इस एक तस्वीर के सामने आते ही शैलेश के दोबारा सक्रिय राजनीति में कदम रखने को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
क्या तस्वीर का मकसद केवल त्योहार की शुभकामनाएं?
शैलेश पाटिल चाकूरकर इससे पहले महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति में महासचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। खास बात यह है कि इस वायरल तस्वीर के साथ कोई कैप्शन नहीं लिखा गया था, जिससे इन चर्चाओं को और अधिक बल मिल गया। हालांकि, शैलेश ने इन सभी राजनीतिक अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ किया कि उनका फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल, चाहे वह कांग्रेस हो या भाजपा, से कोई नाता नहीं है। शैलेश के मुताबिक, यह फोटो महज त्योहारी सीजन की शुभकामनाएं देने के उद्देश्य से साझा की गई थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनके परिवार के गांधी परिवार के साथ बहुत पुराने और सौहार्दपूर्ण रिश्ते रहे हैं, इसलिए जनता और मीडिया से आग्रह है कि इसे राजनीतिक चश्मे से न देखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनका राजनीति में आने का कोई इरादा होता है, तो वह इसकी घोषणा खुद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए करेंगे।
क्या पत्नी के भाजपा में शामिल होने से जुड़ा है मामला?
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे वक्त में चर्चा में आया है जब उनकी पत्नी डॉ. अर्चना पाटिल चाकूरकर ने मार्च 2024 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। अर्चना ने हालिया महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में लातूर शहर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर कड़ा मुकाबला लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता अमित देशमुख के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। जब अर्चना भाजपा में शामिल हुईं और चुनाव लड़ रही थीं, तब शैलेश या उनके दिवंगत पिता शिवराज पाटिल चाकूरकर को कभी भी सार्वजनिक रूप से उनके चुनावी प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए नहीं देखा गया था।
क्या शैलेश ने पत्नी का समर्थन किया?
अपनी राजनीतिक चुप्पी और पत्नी के चुनाव प्रचार से दूरी पर सफाई देते हुए शैलेश ने बताया कि उन्होंने पारिवारिक रूप से अपनी पत्नी को पूरा नैतिक समर्थन दिया था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सार्वजनिक तौर पर उनके चुनावी अभियान में शामिल नहीं हुए थे, क्योंकि वे खुद पूरी तरह से राजनीतिक गतिविधियों से दूर और निष्क्रिय हैं। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि वह किसी भी पार्टी का हिस्सा नहीं हैं और उनकी यह तस्वीर किसी राजनीतिक पुनरुत्थान का संकेत नहीं है।


