More
    Homeखेलबाबर आजम को बचाएगा PCB या होगी टीम की सफाई? 0-3 की...

    बाबर आजम को बचाएगा PCB या होगी टीम की सफाई? 0-3 की हार के बाद पाकिस्तान में मंथन तेज

    इंग्लैंड के विरुद्ध हालिया टेस्ट शृंखला में 0-3 से मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुँचने के सभी रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। जब से डब्ल्यूटीसी प्रारूप की शुरुआत हुई है, तब से पाक टीम तालिका के शीर्ष-तीन में भी स्थान नहीं बना पाई है। इंग्लैंड के हाथों क्लीन स्वीप होने के पश्चात टीम अंक तालिका में सबसे निचले यानी नौवें स्थान पर खिसक गई है, जिससे उसके टेस्ट क्रिकेट के भविष्य और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

    शृंखला समाप्त होते ही बिखरी टीम, खिलाड़ियों के रास्ते हुए अलग

    इंग्लैंड में मिली करारी हार के तुरंत बाद पाकिस्तानी दल पूरी तरह बिखर गया है। कुछ खिलाड़ी कैरिबियन टी20 लीग में भाग लेने चले गए हैं, तो कुछ इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने में व्यस्त हो गए हैं। वहीं दिग्गज बल्लेबाज बाबर आजम वर्षों बाद घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के दो सप्ताह के भीतर ही आधी टीम बदल गई; कार्यवाहक कप्तान को बाहर कर दिया गया, विकेटकीपर को कानूनी जांच हेतु स्वदेश बुला लिया गया और सपोर्ट स्टाफ को भी बदल दिया गया है।

    भविष्य की टीम संरचना को लेकर गहराया अनिश्चितता का संकट

    इंग्लैंड दौरे के पश्चात पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक संतुलित टेस्ट टीम का गठन करना है। यह अभी तक अस्पष्ट है कि बाहर किए गए खिलाड़ियों में से कितनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई और कितनों को खराब फॉर्म के कारण हटाया गया। मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक के निकट भविष्य में टीम की योजनाओं से बाहर रहने की संभावना है।

    सलमान अली आगा का उदाहरण पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के गिरते स्तर के अंतर को दर्शाता है। इंग्लैंड दौरे पर फ्लॉप रहने के बाद टीम से बाहर किए गए सलमान ने स्वदेश लौटते ही घरेलू मैच में नाबाद तिहरा शतक जड़ दिया। यह स्थिति दर्शाती है कि पाक के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बीच भारी अंतर आ चुका है।

    अजान अवैस और सऊद शकील से कुछ उम्मीदें बाकी

    टीम के इस निराशाजनक दौर में भी कुछ युवा खिलाड़ियों ने उम्मीदें जगाई हैं। अजान अवैस ने मिले सीमित अवसरों में अपनी तकनीक से प्रभावित किया। वहीं सऊद शकील ने शॉर्ट गेंदों के विरुद्ध अपने खेल में सुधार के संकेत दिए हैं। इसके अलावा अब्दुल्ला शफीक के घरेलू आंकड़े बेहतरीन रहे हैं, जो संघर्षरत मध्यक्रम को मजबूती प्रदान कर सकते हैं।

    बाबर आजम के प्रदर्शन पर बहस जारी, परंतु विकल्प का अभाव

    पूर्व कप्तान बाबर आजम की फॉर्म बीते चार वर्षों से बहस का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि वे टेस्ट में शतक लगाने में नाकाम रहे हैं। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि अक्तूबर 2024 के बाद वापसी करते हुए बाबर ने 22 पारियों में 8 अर्धशतकों की मदद से लगभग 39 का औसत बनाए रखा है, जो इस अवधि में किसी भी अन्य पाकिस्तानी बल्लेबाज से बेहतर है। घरेलू क्रिकेट में भी उनके स्तर का कोई ठोस विकल्प फिलहाल नजर नहीं आता, जिससे उन्हें बाहर करने के बजाय मध्यक्रम में उपयोग करने की रणनीति अधिक व्यावहारिक दिखती है।

    मोहम्मद अब्बास की भूमिका और घरेलू पिचों की रणनीति पर संशय

    इंग्लैंड में सफल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास की भूमिका पर भी सवाल कायम हैं। पाकिस्तान में उनका रिकॉर्ड बहुत प्रभावी नहीं रहा है। यदि पाकिस्तान आगामी घरेलू शृंखलाओं में धीमी और टर्निंग पिचों का निर्माण करता है, तो अब्बास का प्लेइंग-11 में चयन कठिन हो जाएगा। हालांकि, नवंबर में श्रीलंका और उसके बाद न्यूजीलैंड के विरुद्ध होने वाले मुकाबलों में केवल स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर निर्भर रहना घातक सिद्ध हो सकता है, जैसा कि हाल ही में भारत में देखने को मिला था।

    नए मुख्य कोच का चयन और खिलाड़ियों के अस्तित्व की लड़ाई

    टीम के आगामी पुनर्गठन में नए टेस्ट कोच की भूमिका निर्णायक होगी। माइक हेसन ने इस पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। इंग्लैंड की हार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल चेहरे बदलने से संकट दूर नहीं होगा। खिलाड़ियों के लिए अब व्यक्तिगत अस्तित्व से ऊपर उठकर एक एकजुट टीम के रूप में प्रदर्शन करना अनिवार्य हो गया है। आगामी घरेलू सत्र में पाकिस्तान को यह साबित करना होगा कि वह केवल खिलाड़ियों का समूह नहीं, बल्कि एक प्रतिस्पर्धी टेस्ट टीम है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here