Bilaspur High Court: भिलाई के सुपेला स्थित यस बैंक में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है. मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने यस बैंक को सभी खातेदारों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का अंतिम मौका दिया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंप दी जाएगी.
जानिए क्या है मामला?
हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, सुपेला स्थित यस बैंक की शाखा में लगभग 165 करोड़ रुपये के लेन-देन का मामला सामने आया है. जांच में यह खुलासा हुआ कि अनिमेष सिंह के नाम से खोले गए एक खाते में कुल 457 बैंक खातों से लेन-देन किया गया. हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 10 मार्च निर्धारित की है.
यश बैंक की ओर से अदालत को क्या बताया गया?
यस बैंक की ओर से अदालत को बताया गया कि अभी तक 285 खातेदारों की पूरी जानकारी जुटाई नहीं जा सकी है.
बैंक द्वारा जांच में अपेक्षित सहयोग न किए जाने को लेकर राज्य की ओर से जांच अधिकारी ने शपथ पत्र प्रस्तुत किया, जिस पर न्यायालय ने गहरी नाराजगी व्यक्त की.
वहीं डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि स्वतंत्र जांच एजेंसी को जांच सौंपने से पहले बैंक को सभी खातेदारों की संपूर्ण जानकारी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी. इसे अंतिम मौका माना जाएगा.
अनिमेष सिंह ने दर्ज कराई याचिका
इस मामले में अहम मोड़ तब आया, जब अभियुक्त अनिमेष सिंह ने जिला न्यायालय से जमानत प्राप्त करने के बाद अपने खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई को गलत बताते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की. अनिमेष सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच के समक्ष उपस्थित होकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और उन्हें निर्दोष बताया. इस पर न्यायालय ने अनिमेष सिंह द्वारा प्रस्तुत याचिका को प्रभुनाथ मिश्र से जुड़े वर्तमान आपराधिक प्रकरण के साथ संलग्न करने का आदेश दिया.


