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    राहुल-प्रियंका के सामने छत्तीसगढ़ के युवा नेताओं ने रखी अपनी बात, सियासी कौशल की परख

    रायपुर| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को नया रूप देने हेतु देश भर से युवा, सक्रिय और अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपने की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु योग्य नेताओं के साक्षात्कार की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। राष्ट्रीय सचिव पद हेतु छत्तीसगढ़ से पूर्व मंत्री डॉ. शिव डहरिया सहित कुल 6 प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव पद के अतिरिक्त अन्य सांगठनिक जिम्मेदारियों हेतु भी यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जो 14 सितंबर को संपन्न हो जाएगी।

    राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल परख रहे हैं नेताओं की क्षमता

    राष्ट्रीय सचिव के पद हेतु देश भर से चयनित 140 नेताओं को आमंत्रित किया गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा राष्ट्रीय संगठन प्रभारी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल स्वयं इन नेताओं से विचार-विमर्श कर रहे हैं। इस दौरान नेताओं के रणनीतिक कौशल, राजनीतिक व बौद्धिक क्षमता और क्षेत्रीय समीकरणों का सूक्ष्मता से आकलन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को पृथक रूप से साक्षात्कार हेतु बुलाया गया था।

    छत्तीसगढ़ के इन प्रमुख नेताओं के हुए साक्षात्कार

    छत्तीसगढ़ से साक्षात्कार हेतु बुलाए गए नेताओं में प्रदेश महासचिव दीपक मिश्रा, महासचिव सुबोध हरितवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश ठाकुर तथा पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष कोको पाढ़ी सम्मिलित हैं। इनमें दीपक मिश्रा व नरेश ठाकुर का साक्षात्कार 9 सितंबर को संपन्न हुआ, जबकि सुबोध हरितवाल का साक्षात्कार सोमवार को आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त बिलासपुर संभाग से भी एक युवा आदिवासी नेता अपना साक्षात्कार दे चुके हैं।

    नए चेहरों को अवसर मिलने की संभावना

    आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनावों के दृष्टिकोण से संगठन में बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रीय सचिव पद पर छत्तीसगढ़ से दो से तीन नेताओं को स्थान मिल सकता है। पूर्व में छत्तीसगढ़ से राजेश तिवारी व विकास उपाध्याय राष्ट्रीय सचिव का दायित्व संभाल चुके हैं, जबकि वर्तमान में विधायक देवेंद्र यादव इस पद पर कार्यरत हैं। लगभग दो वर्ष पूर्व गठित AICC कमेटी के पदाधिकारियों की कार्य-समीक्षा के पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नेताओं को पदोन्नति दी जाएगी, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वालों को संगठन से पृथक किया जा सकता है। चर्चा है कि संगठन में 50 प्रतिशत नए चेहरों को सम्मिलित किया जाएगा।

    सिफारिश और लॉबिंग के बिना हो रहा चयन

    राष्ट्रीय संगठन में नियुक्तियों हेतु किसी भी प्रकार की सिफारिश अथवा लॉबिंग को दरकिनार करते हुए नेताओं की सक्रियता और पूर्व में किए गए कार्यों के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि प्रदेश नेताओं के विषय में गोपनीय रिपोर्ट मंगवाई गई थी, जिसके आधार पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित कर बुलाया गया है। साक्षात्कार के पश्चात सभी नेताओं को इस प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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