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    अंतिम संस्कार विवाद में 4 भाइयों को 5-5 साल की सजा, अदालत ने सुनाया फैसला

    विवाद के दौरान हुए जानलेवा हमले में दोषी पाए गए आरोपी, अर्थदंड भी लगाया

    अलवर। जिला अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 की अदालत ने मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के निठारी गांव में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी ले जाने को लेकर हुए विवाद के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

    विशिष्ट लोक अभियोजक महेश मीणा ने बताया कि यह मामला 30 दिसंबर 2018 का है। मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के निठारी गांव निवासी ढीमा की मृत्यु के बाद उनके परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए थे।

    अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी ले जाने पर हुआ था विवाद

    अभियोजन के अनुसार मृतक के परिजन राजू, रमेश और प्रमोद अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी लेने गए थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें लकड़ी ले जाने से रोक दिया, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया।

    विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने एक राय होकर लाठी-फर्सी से हमला कर दिया। इस हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से मामला दर्ज कराया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।

    अंतिम संस्कार विवाद मामले में अदालत का फैसला

    मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। सुनवाई पूरी होने के बाद विशिष्ट न्यायाधीश रिद्धिमा शर्मा ने फैसला सुनाते हुए पूर्णचंद के पुत्र हुकमचंद, राजू, रवि और विक्रम को दोषी करार दिया।

    अदालत ने चारों आरोपियों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

    न्यायालय ने अपराध को माना गंभीर

    अदालत ने माना कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर हिंसक हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। न्यायालय के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।

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