आरडीएनसी मित्तल फाउंडेशन की पहल, ऐतिहासिक धरोहरों के साथ विद्यार्थीयो ने लिया गीत-संगीत और मनोरंजक गतिविधियों का आनंद
अलवर। आरडीएनसी मित्तल फाउंडेशन की ओर से अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज के माध्यम से महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय देवखेड़ा एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खुदनपुरी के विद्यार्थियों के लिए अजबगढ़-भानगढ़ का शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण आयोजित किया गया। दोनों विद्यालयों के कुल 154 विद्यार्थी तीन बसों से सुबह 7:30 बजे विद्यालय परिसर से भ्रमण के लिए रवाना हुए।
फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी डॉ. एस.सी. मित्तल ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पढ़ाई से अलग ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, प्राकृतिक पर्यावरण और सामूहिक सहभागिता का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था।
अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज की संस्थापक आरुषी मित्तल ने बताया कि भ्रमण में दोनों विद्यालयों के 154 विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के साथ विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी सहभागिता की। पूरे भ्रमण के दौरान बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन, भोजन और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया।
ऐतिहासिक स्थलों और स्थापत्य को करीब से जाना
अजबगढ़-भानगढ़ पहुंचकर विद्यार्थियों ने वहां के ऐतिहासिक स्थलों, प्राचीन स्थापत्य और स्थानीय इतिहास को करीब से देखा। शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को अजबगढ़ और भानगढ़ से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग एवं रोचक कहानियां सुनाईं, जिससे विद्यार्थियों को इतिहास को सरल और रोचक तरीके से समझने का अवसर मिला।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ अनुशासन और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया।
अंताक्षरी और गीत-संगीत से सफर बना यादगार
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के लिए मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों और शिक्षकों ने बस में अंताक्षरी, गीत-संगीत और नृत्य का आनंद लिया। पूरे भ्रमण को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
फाउंडेशन की कोषाध्यक्ष अल्का मित्तल ने बताया कि महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय देवखेड़ा की ओर से कृष्णा, मनीषा, पूजा, नीलम, भारत एवं नितिन ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वहीं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खुदनपुरी की ओर से सुमन, भारती बड़ोदिया, भारती शर्मा, अंजूलता जैन, आरती एवं अंजलि ने विद्यार्थियों की देखरेख की।
सुरक्षा और स्वास्थ्य का रखा विशेष ध्यान
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। भ्रमण प्रभारी सुशीला ने बच्चों की सुरक्षा तथा खाने-पीने की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षिकाओं द्वारा प्राथमिक उपचार की आवश्यक दवाइयां भी साथ रखी गईं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
फाउंडेशन की इस पहल से विद्यार्थियों को ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, प्राकृतिक पर्यावरण और सामूहिक सहभागिता को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने भ्रमण को ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और यादगार अनुभव बताया।
यह शैक्षणिक यात्रा बच्चों के लिए शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, सुरक्षा, पर्यावरण जागरूकता और आपसी सहयोग का संदेश देने वाला अनुभव रही।
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