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    Homeराजस्थानअलवरअरावली के सौदे के खिलाफ कांग्रेस का बिगुल, सरकार पर अनेक आरोप

    अरावली के सौदे के खिलाफ कांग्रेस का बिगुल, सरकार पर अनेक आरोप

    खनन शुरू कराने के लिए 5 करोड़ की रिश्वत मांगने की शिकायत पर 6 माह बाद भी कार्रवाई नहीं—सरकार पर संरक्षण के आरोप

    मिशनसच न्यूज,  अलवर | अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण और कथित खनन माफियाओं के खिलाफ कांग्रेस ने शनिवार को अलवर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। अरावली बचाओ जनजागरण अभियान के तहत एआईसीसी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कटी घाटी से मिनी सचिवालय तक विशाल पैदल मार्च निकाला गया। मार्च में युवाओं, आदिवासी महिलाओं, सामाजिक संगठनों और आमजन की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

    पैदल मार्च के समापन पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एडीएम प्रथम मुकेश कायथवल को सौंपा गया। इस दौरान अरावली बचाने के समर्थन में नारेबाजी के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया गया।

    भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार को घेरा

    मार्च की शुरुआत ‘भर्तृहरि बाबा’ के जयकारों के साथ हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अरावली को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है।
    जूली ने कहा कि करीब छह माह पूर्व प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी गई थी, जिसमें खनन शुरू कराने के लिए 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगे जाने का उल्लेख था। यही शिकायत सीबीआई, सीआईडी और एसीबी को भी दी गई, लेकिन पांच माह बीतने के बावजूद न तो जांच शुरू हुई और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार खनन माफियाओं को संरक्षण दे रही है।

    काले कानून के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा: भंवर जितेंद्र सिंह

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और एआईसीसी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिस प्रकार किसानों के खिलाफ लाए गए तीन काले कानूनों को जनआंदोलन के दबाव में वापस लेना पड़ा था, उसी तरह अरावली से जुड़े इस काले कानून को भी वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाज के हर वर्ग और संस्थाओं को साथ लेकर इस आंदोलन को तब तक जारी रखेगी, जब तक सरकार जनहित में फैसला नहीं लेती।

    जनता की जीवनरेखा से खिलवाड़ नहीं होने देंगे: डोटासरा

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नेताओं के निजी व्यापारिक हितों के लिए जनता की जीवनरेखा कही जाने वाली अरावली को खतरे में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार पहले CTH और अब अरावली को निशाना बना रही है। यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है, आगे और तेज किया जाएगा।

    सांस्कृतिक प्रतिरोध बना आंदोलन की पहचान

    पैदल मार्च के दौरान ‘अरावली हमें बचानी है’ जैसे नारों के बीच युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं आदिवासी महिलाओं ने मीणावाटी लोकगीतों पर नृत्य कर विरोध जताया। कई युवाओं ने माथे पर ‘अरावली बचाओ’ लिखवाकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस अवसर पर कांग्रेस के दोनों अध्यक्ष बलराम यादव व प्रकाश गंगावत भी मौजूद रहे।

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